जिला अस्पताल के रैन बसेरों
पर कर्मचारियों का कब्जा
बदायूं। ठंड में जिला अस्पताल महिला और पुरुष में तीमारदारों को वार्डों में रात गुजारनी पड़ेगी। क्योंकि जिला महिला अस्पताल में बने रैन बसेरे पर कर्मचारी का कब्जा हैं। एक में कबाड़ भरा है। जबकि दो रैन बसेरों पर ताले पड़े हैं।
वैसे तो रैन बसेरे इसी उद्देश्य से बनवाए गए होंगे कि उनमें अस्पताल आने वाले तीमारदार या कोई बाहरी व्यक्ति आराम से रुक सके अपनी रात बिता सके। इससे उन्हें रात में सड़क पर भटकना न पड़े। परंतु इन रैन बसेरों की वर्तमान स्थिति कुछ और ही है। महिला अस्पताल में बने रैन बसेरों की बात करें तो यहां दो रैन बसेरे बने हुए हैं। एक रैन बसेरे में पहले पुलिस चौकी हुआ करती थी। वह पुलिस चौकी तो खत्म हो गई लेकिन उस पर एंबुलेंस स्टाफ का कब्जा हो गया। एंबुलेंस स्टाफ ने व्यवस्था संभालने के लिए कमरा मांगा था। कमरा नहीं मिलने पर रैन बसेरे में बैठना शुरू कर दिया गया। उसके बाद स्थायी कब्जा हो गया। इससे कुछ दूर इमरजेंसी के सामने एक और रैन बसेरा है। उसमें महिला अस्पताल का कबाड़ भरा हुआ है। उसके गेट पर ताला जड़ दिया गया है। कभी यह रैन बसेरा बाइक स्टैंड बन जाता है।
इधर, जिला अस्पताल में भी दो रैन बसेरे हैं। एक रैन बसेरे में बुखार फैलने के दौरान मरीजों को भर्ती किया जा रहा है। यहां मरीज तो भर्ती होने बंद हो गए लेकिन उसके बाद ताला डाल दिया गया। दूसरा रैन बसेरा मोर्चरी के समीप बना है। इसका जब से निर्माण हुआ है, तब से एक भी दिन तीमारदार नहीं रुके। अधिकतर लोगों को यह तक पता नहीं है कि रैन बसेरा है या कुछ और है। इसकी अनप्रयोगता देखते हुए सीएमएस ने इसे सीनियर सिटीजन वार्ड बनाने का फैसला लिया है। परंतु जाड़े शुरू होने के बावजूद तीमारदारों के ठहरने की समस्या ज्यों कि त्यों बनी हुई है।
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एसएनसीयू के रैन बसेरे पर भी कब्जा
महिला अस्पताल में बने एसएनसीयू (सघन नवजात शिशु कक्ष) में भर्ती होने वाले नवजात के परिवार वालों को ठहरने के लिए अलग से एक आधुनिक रैन बसेरा बना है। इसका उद्देश्य तो यही था कि तीमारदार कहां भटकेंगे। उनके बच्चे एसएनसीयू में भर्ती रहेंगे तो उन्हें भी कोई जगह चाहिए जहां वह आराम से रात बिता सकें। परंतु इस रैन बसेरे पर अस्पताल के कुछ कर्मचारियों ने ही कब्जा कर लिया है।
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महिला और जिला अस्पताल में सोमवार को भ्रमण करेंगे। तभी सभी रैन बसेरों को चेक करेंगे। सभी को खाली कराया जाएगा और तीमारदारों के लिए ठंड में रात बिताने के लिए जगह बनाई जाएगी।
-डॉ. मंजीत सिंह, प्रभारी सीएमओ