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ऐसे कैसे समय से हो पाएगा शौचालय का निर्माण

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ऐसे कैसे समय से हो पाएगा शौचालय का निर्माण
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अब भी बनाए जाने हैं एक लाख, काम में तेजी लाने के लिए दिए निर्देश
अमर उजाला ब्यूरो
बदायूं। स्वच्छ भारत मिशन अभियान में अब भी खंड और ग्राम पंचायत स्तर के अधिकारी गंभीरता से रुचि नहीं ले रहे हैं। यही वजह है कि अब भी जिले में एक लाख से अधिक शौचालय नहीं बन सके हैं। शासन की ओर से दिए गए समय में अधिकारियों को रोजाना 12 सौ से अधिक शौचालय बनाने होंगे। तब जाकर कहीं टारगेट पूरा हो सकेगा। जिले में दो लाख 97 हजार छह सौ 36 शौचालयों का निर्माण कराया जाना है। इसमें अब तक एक लाख 88 हजार सात सौ 58 शौचालयों का निर्माण हो सका है। जबकि जिले में अब भी एक लाख आठ हजार 878 शौचालयों का निर्माण होना है। जिसे दो अक्तूबर तक पूरा किया जाना है। इसके लिए सीडीओ ने सभी बीडीओ और एडीओ पंचायत की ओर से रोजाना सौ शौचालयों का निर्माण करने और उनके फोटो एमआईएस पर अपलोड करने के निर्देश दिए थे लेकिन धरातल पर ऐसा नहीं हो रहा। रोजाना मात्र आठ से दस शौचालयों के ही फोटो एमआईएस पर अपलोड हो पा रहे हैं। इस पर सीडीओ ने नाराजगी व्यक्त की है। उन्होंने सभी बीडीओ और एडीओ पंचायत को कहा है कि अगर रोजाना सौ शौचालयों का निर्माण नहीं किया गया तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। अब तक स्वच्छ भारत मिशन के तहत 108878 शौचालयों का निर्माण होना शेष है। इसके तहत करीब 1209 शौचालयों का निर्माण रोजाना किया जाए। तब कहीं जाकर दो अक्तूबर तक लक्ष्य को पूरा किया जा सकता है।
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कार्रवाई के डर से शुरू कराया शौचालय का निर्माण
पहली किस्त हजम कर बैठे थे छह सौ से ज्यादा लोग
अब उन्हीं घरों में निर्माण बाकी जो बाहर रहकर करते हैं मजदूरी
अमर उजाला ब्यूरो
उझानी (बदायूं)।
कछला में स्वच्छता मिशन के तहत सरकारी अनुदान पर घरों में शौचालय निर्माण के लिए पहली किस्त की धनराशि हड़पे बैठे गृहस्वामियों में से ज्यादातर ने कार्रवाई की आशंका के चलते काम शुरू करा दिया है। हालांकि अभी करीब सवा सौ लोग बचे हैं लेकिन उनके परिजनों ने भी नगर पंचायत कर्मियों से संपर्क साध कर एक महीने की मोहलत मांगी है। ये वही लोग है जिनके परिवार के मुखिया ईंट-भट्ठों पर मजदूरी करने के लिए पंजाब और गुजरात में गए हैं।
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कछला नगर पंचायत ने कसबे में करीब 12 सौ गृहस्वामियों को शौचालय निर्माण के लिए चयनित कर उन्हें अनुदान की पहली किस्त के रूप में पिछले साल की चार-चार हजार रुपया मुहैया कराया था। पिछले महीने नगर पंचायत कर्मियों ने सर्वे किया तो छह सौ से ज्यादा घरों में शौचालय निर्माण शुरू होना नहीं पाया था। सर्वे टीम की रिपोर्ट के आधार पर एडीएम प्रशासन ने ऐसे लोगों को अल्टीमेटम देने फिर भी काम शुरू नहीं कराने पर रिपोर्ट लिखाने का आदेश दिया था। इसके बाद करीब पांच सौ लोगों ने अपने घरों में शौचालयों का निर्माण शुरू करा दिया। नगर पंचायत कर्मियों में जितेंद्र कुमार सिंह और राधेश्याम ने बताया कि कार्रवाई के डर से ही ज्यादातर गृहस्वामियों ने शौचालय बनवाने को कदम उठाया है।
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नगर पंचायत प्रशासन की एक रिपोर्ट के मुताबिक अलग-अलग वार्डों में करीब सवा सौ घरों में शौचालयों का निर्माण शुरू नहीं हो पाया है। इन गृहस्वामियों में ज्यादातर लोग मजदूर वर्ग के हैं जो गुजरात और पंजाब के ईंट-भट्ठों पर पथाई का काम करते हैं। नगर पंचायत कर्मियों को इनके परिजनों ने यह भी बताया है कि परिवार के मुखिया के घर लौटते ही शौचालयों का निर्माण शुरू करा दिया जाएगा। बता दें कि जून महीने में बरसात की वजह से भट्ठों पर ईंटों की पथाई का काम बंद हो जाता है। नगर पंचायत प्रशासन से एक महीने की मोहलत भी मांगी गई है।
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