बदायूं। प्रमुख राजनीतिक पार्टियों से बगावत करके आजाद उम्मीदवार के रूप में चुनाव मैदान में उतरे प्रत्याशियों ने लोगों में अपनी पैठ बनाना शुरू कर दी है। खास बात यह कि बागी प्रत्याशी जिस पार्टी में रह चुके हैं उसी के खिलाफ दुष्प्रचार करने में जुटे हैं। ज्यादातर आजाद उम्मीदवार जनता के द्वार जाकर खाना खाने के साथ अपनी खूबियां और विरोधियों की गलतियां गिना रहे हैं।
भाजपा, सपा, बसपा और कांग्रेस में अध्यक्ष पद के लिए टिकट की दावेदारी करने वालों की लिस्ट खासी लंबी है। इन पाटियों से टिकट न मिलने पर कइयों ने छोटी और क्षेत्रीय पार्टिंयों का दामन थाम लिया है। अधिकतर बाकी आजाद उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ रहे हैं, वहीं कुछ दावेदार ऐसे भी है, जिन्हें किसी भी पार्टी की ओर से सिंबल नहीं मिला तो उन्होंने निर्दलीय के रूप में ही ताल ठोक दी है। ऐसे में बसपा के पूर्व जिलाध्यक्ष श्याम कुमार दिवाकर ने कांग्रेस का दामन थाम लिया और उन्होंने नगर पालिका बदायूं से अध्यक्ष पद पर अपनी पत्नी राजरानी को उतारा है। वहीं बसपा नेता रहे इकरार अहमद ने बिल्सी से अध्यक्ष पद का टिकट नहीं मिलने पर पार्टी से किनारा कर लिया। वजीरगंज में निवर्तमान चेयरमैन मोहम्मद उमर कुरैशी ने वजीरगंज से नगर पंचायत अध्यक्ष पर टिकट नहीं मिलने पर बगावत कर दी है। ऐसे में दूसरी पार्टी से चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों को जनता का दिल जीतने के लिए खासी मशक्कत करनी पड़ रही है। फिलहाल तो चुनाव की असल तस्वीर तो नाम वापसी के बाद ही तय होगी। लकिन जो हालात बने हैं वह शहर में सियासी माहौल को गरमा रहे हैं।
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निर्दलीय प्रत्याशियों को ट्रक से लेकर प्रेस तक मिलेंगे चुनाव चिह्न
बदायूं। निकाय चुनाव को लेकर नगर पालिका, नगर पंचायत अध्यक्ष और सदस्य पद के लिए निर्दलीय प्रत्याशियों को दिए जाने वाले चुनाव चिह्न तय कर दिए गए हैं। इनमें ट्रक, कोट, कुआं, कैमरा से लेकर प्रेस तक शामिल हैं। चुनाव चिह्न 10 नवंबर को आवंटित किए जाएंगे।
राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से निर्देशों के बाद में उप जिला निर्वाचन अधिकारी अजय कुमार श्रीवास्तव ने नगरीय निकाय चुनाव में लगे सभी निर्वाचन अधिकारियों और सहायक अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि आयोग की तरफ से चुनाव चिह्न निर्धारित किए जा चुके हैं। 10 नवंबर को इनका आवंटन किया जाएगा। इसमें नगर पालिका और नगर पंचायत अध्यक्ष पद के लिए शटल, अनार, पानी का नल, छत का पंखा, गुल्ली डंडा, फूल और घास, सितारा, हथौड़ा, रेल का इंजन, टेबिल, हेलीकाप्टर, शहनाई, स्कूटर, सुराही, रिक्शा, फसल काटता किसान, भगौना, टेबिल फैन, जीप, पहिया, तलवार समेत 38 प्रतीक चिह्न हैं। जबकि नगर पालिका और नगर पंचायत के निर्दलीय सदस्यों के लिए अनाज ओसता हुआ किसान, ओखली, इमली, उगता सूरज, खजूर का पेड़, कार, गमला, दवात, गाजर, कुल्हाड़ी, धान का पौधा, तरकस, छाता, नाव, पत्तियां, फुटबाल मोटर साइकिल, बैलगाड़ी समेत 42 चिह्न आवंटित किए हैं। जबकि भारतीय जनता पाटी, समाजवादी पाटी, बहुजन समाज पाटी, कांग्रेस और आप के अलावा 18 मान्यता प्राप्त दलों के निशान अलग हैं।