बदायूं। जिले में 18 कस्तूरबा गांधी विद्यालय संचालित है। इन विद्यालयों में सप्लायर की ओर से मई माह का राशन नहीं भेजा गया है। ऐसे में यहां छात्राओं के सामने भोजन का संकट खड़ा हो गया है। इसके पीछे वजह है कि सप्लायर का विभाग पर लाखों रुपये बकाया चल रहा है। ऐसे में सप्लायर की ओर से विभागीय अधिकारियों से बकाया रुपये दिलाने की मांग की गई, लेकिन अभी तक अधिकारी स्तर से कोई आश्वासन नहीं मिला। ऐसे में विद्यालयों में राशन कम होने की वजह से वार्डनों द्वारा छात्राओं को घर भेजा रहा है।
बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से अप्रैल माह की राशन सप्लाई की धनराशि सप्लायर को नहीं दी गई, जिस पर सप्लायर का विभाग पर अधिक बकाया होने के चलते उसने मई माह का राशन रोक दिया है। राशन आपूर्ति नहीं पहुंचने पर स्कूलों की वार्डनों ने भी हाथ खड़े कर दिए। ऐसे में राशन की मात्रा कम होने से विवश वार्डनों ने छात्राओं को घर भेजना शुरू कर दिया है, वहीं बीएसए रामपाल सिंह राजपूत का कहना है कि स्कूलों में संख्या अभी घट रही है, लेकिन उसकी वजह दूसरी हैं। यह भी कहा कि राशन सप्लायर की भूमिका ठीक नहीं है। राशन सप्लाई न करने मामले में वह दोषी है।