पिंजरे में कैद हुई बाघिन लखनऊ के चिड़ियाघर में रहेगी। शनिवार देर शाम मुख्यालय से आदेश मिलने के बाद बाघिन को लखनऊ रवाना कर दिया गया। टाइगर रिजर्व के एफडी व डीडी समेत डॉक्टरों की टीम भी साथ में गई है।
टाइगर रिजर्व की दियोरिया रेंज के जंगल से बाहर निकली बाघिन शनिवार सुबह बरखेड़ा क्षेत्र के ग्राम खजुरिया पचपेड़ा गांव की सीमा में पहुंच गई थी। बाघिन ने गन्ने की गुड़ाई करने खेत पर पहुंचे मुकेश पर हमलाकर घायल दिया था।
मौके पर मौजूद उसके चचेरे भाई अशोक के शोर मचाने पर बाघिन मुकेश को छोड़कर चली गई थी। हमले की सूचना के बाद भारी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। तभी गन्ने की फसल के बीच से निकली बाघिन ने एक और ग्रामीण कौशल पर हमलाकर घायल कर दिया था।
इसके बाद मौके पर पहुंचे अफसरों ने घेराबंदी के लिए खेत के चारों ओर जाल लगा दिया था। फिर उसे बेहोश करके पिंजरे में कैद कर लिया था। इसके बाद बाघिन को माला रेंज के गढ़ा बीट ले जाया गया। रविवार देर शाम मुख्यालय से बाघिन को लखनऊ चिड़ियाघर में छोड़े जाने का आदेश जारी हुआ। इसके बाद देर शाम पिंजरे में कैद बाघिन को विभागीय वाहन में एफडी एच राजा मोहन, डीडी आदर्श कुमार के अलावा चिकित्सकों के पैनल की मौजूदगी में लखनऊ चिड़िया घर के लिए रवाना कर दिया गया है।
चिकन खाकर रवाना हुई बाघिन
पिंजरे में कैद बाघिन को रविवार खाने के लिए चिकन दिया गया। दिन भर भूखे रहने के बाद बाघिन ने शाम को चिन खाया। इसके बाद आदेश आया तो लखनऊ के लिए रवाना हो गई।
बाघिन का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। वह पूरी तरह स्वस्थ निकली। देर शाम को छोड़े जाने को लेकर मुख्यालय से आदेश प्राप्त हुआ। इसके बाद विभागीय अफसरों की मौजूदगी में उसे लखनऊ चिड़िया घर के लिए रवाना कर दिया गया है। साथ में चिकित्सकों का पैनल भी मौजूद है।
-आदर्श कुमार, डिप्टी डायरेक्टर, टाइगर रिजर्व