उझानी (बदायूं)। बरेली-कासगंज ब्रॉडगेज लाइन की पटरी चटक जाने के मामले में रेलवे अफसरों ने हकीकत का पता लगाने के लिए कोशिश शुरू कर दी है। शनिवार सुबह डिवीजन इंजीनियर मसूद अहमद मौके पर पहुंच गए। उन्होंने वैकल्पिक रूप से दुरुस्त पटरी के उस हिस्से को भी देखा जहां से वह चटक गई थी। बाद में उन्होंने इंजीनियरों के साथ ट्रॉली से रेलवे स्टेशन तक पटरी का निरीक्षण किया। डिवीजन इंजीनियर के निरीक्षण के बाद पटरी को बदलने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। रेलवे के डिवीजन इंजीनियर मसूद अहमद ब्रॉडगेज लाइन के किमी संख्या-372/ सात-आठ के बीच शनिवार को पहुंचे। मेठ नरेशपाल से बात कर असलियत का पता लगाने का प्रयास किया। उनके साथ मौजूद इंजीनियर ने बताया कि पटरी के करीब छह-सात मीटर हिस्से को बदला जाना है। रेलवे अफसरों को भी इस दिशा में अवगत करा दिया गया है। इसके लिए जल्द ही मैकेनिकों की टीम भी मौके पर पहुंचेगी। पटरी बदलने से पहले करीब तीन घंटे का ब्लॉक लिया जाएगा। डिवीजन इंजीनियर गठौना से रेलवे स्टेशन तक ट्रॉली से निरीक्षण करके लौट गए। शुक्रवार शाम को एईएन एके श्रीवास्तव ने भी मौके पर पहुंचकर हकीकत का पता लगाने की कोशिश की थी। बता दें कि गुरुवार रात में ट्रैकमैन फखरे आलम को रूटीन चेकिंग के दौरान गठौना के पास पटरी चटकी मिली थी। उसकी सूचना के बाद ही कंट्रोलर ने मालगाड़ी को स्टेशन पर ही करीब डेढ़ घंटे तक रोके रखा था। बताते हैं कि उससे पहले कासगंज-बरेली फास्ट पैसेंजर ट्रैक पर होकर गुजर गई थी।
ट्रैकमैनों को सतर्कता बरतने का निर्देश
उझानी। गठौना के पास पटरी चटक जाने के बाद रेलवे के इज्जतनगर डिवीजन के सभी ट्रैकमैनों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। उनसे कहा गया है कि ड्यूटी के प्रति सजग रहें। चेकिंग के दौरान कहीं पर भी कुछ भी नजर आए तो नजदीक के स्टेशन मास्टर को अवगत कराया जाए। बता दें कि रेलवे ने पटरी चटकने की वजह तापमान में गिरावट मानी है। ठंड के दिनों में पटरी चटक जाती है पीडब्ल्यूआई ने ट्रैकमैन फखरे आलम को पुरस्कृत भी किया है।