बदायूं। रसोइयों को मानदेय देने की जगह धनराशि प्रधानाध्यापक ने अपने निजी कार्यों में प्रयोग कर ली। साथ ही कंपोजिट ग्रांट की मिली धनराशि को दूसरे के नाम से चेक काटकर बैंक से निकाल लिया। इतना ही नहीं जिन फर्मों से बच्चों में स्वेटर, यूनिफार्म का वितरण किया गया था उनका भी भुगतान नहीं किया। ऐसे में बीएसए ने इंचार्ज प्रधानाध्यापक को निलंबित करते हुए इसकी जांच बीईओ आसफपुर और एमडीएम जिला समन्वयक को करने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा शिक्षक पर छेड़छाड का झूठा आरोप लगाने वाली शिक्षिका को भी निलंबित किया गया है।
दातागंज बीईओ ने क्षेत्र के प्राथमिक स्कूल सैंजनी का निरीक्षण किया। वहां पर उन्हें पता चला कि प्रभारी प्रधानाध्यापक जितेंद्र प्रताप सिंह ने रसोइयों के मिले मानदेय का वितरण नहीं किया, जबकि एसएमसी के खाते से 42 हजार रुपये निकालकर खर्च कर लिया। स्कूल कार्य कराने और रंगाई पुताई के लिए कंपोजिट ग्रांट के तहत विभाग की ओर से 41 हजार 250 रुपये दिए गए थे, इसमें से अपने नाम से 21 हजार दो सौ रुपये और अरविंद गुप्ता के नाम पर 19 हजार आठ सौ रुपये निकल लिए। स्वेटर और यूनिफार्म वितरण करने वाली फर्म को भी भुगतान नहीं किया, जिस पर उन्होंने प्रधानाध्यापक को निलंबित करने की संस्तुति बीएसए को की थी। इस पर बीएसए ने शिक्षक को निलंबित करते हुए इसकी जांच बीईओ आसफपुर और डीसी एमडीएम को करने के निर्देश दिए हैं। इधर बीईओ कादरचौक ने बीएसए को बताया कि ब्लॉक उझानी के एक स्कूल में तैनात शिक्षिका ने एक शिक्षक पर छेड़छाड़ का आरोप लगाते हुए आईजीआरएस के तहत शिकायत दर्ज कराई थी। इसकी जांच में पता चला कि शिक्षिका मनमाने तरीके से स्कूल आती जाती हैं। शिक्षिका द्वारा शिक्षक को फंसाने की धमकी भी जाती है। शिक्षिका द्वारा पूर्व में पुलिस में झूठी शिकायत दर्ज की गई थी। बीईओ की आख्या पर बीएसए ने शिक्षिका को निलंबित करते हुए इसकी जांच बीईओ सहसवान को सौंपी है।