दुष्कर्म के मामले में दो आरोपियों को दस और सात साल की कैद
छात्रा को अगवा कर दुराचार का मामला, जुर्माना भी लगाया
अमर उजाला ब्यूरो
बदायूं। छात्रा का अपहरण करने के बाद दुष्कर्म की घटना के दो मुजरिमों को फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम न्यायाधीश परवेंद्र कुमार शर्मा ने कड़ी सजा सुनाई है। इसमें मुख्य आरोपी को दस साल और उसके साथी को सात साल की कैद हुई है। दोनों पर जुर्माना भी लगाया गया है। इसमें आधी रकम पीड़ित को दिए जाने का आदेश है।
घटना थाना सिविल लाइन क्षेत्र की है, जो कि दस फरवरी 2015 को हुई थी। क्षेत्र की रहने वाली एक लड़की स्नातक द्वितीय वर्ष में पढ़ती थी। वह प्रेक्टिकल देकर कॉलेज से घर जा रही थी। एक चौराहे पर ऑटो का इंतजार करते वक्त आजम पुत्र शाहमीर निवासी गढ़ा थाना दातागंज ने जबरन उसे बाइक पर बैठा लिया। आगे रास्ते में उसका साथी इशरत पुत्र कल्लू खां निवासी मोहम्मदगंज थाना कादरचौक मिला। उसने लड़की के मुंह पर नशे का रुमाल लगा दिया। जिससे लड़की अचेत हो गई। बाद में दोनों युवक लड़की को दिल्ली ले गए। दो जून 2015 को लड़की ने अपने परिवार वालों को दिल्ली में होने की सूचना दी। बताए गए स्थान से परिवार वाले उसे घर ले आए। तब उसने परिवार वालों के साथ ही थाना सिविल लाइंस पुुलिस को पूरी घटना की जानकारी दी।
बताया कि दोनों युवक उसे अगवा कर ले गए थे। जहां आजम ने उसके साथ दुष्कर्म किया था, जबकि इशरत का पूरा साथ रहता था। पीड़िता का आरोप था कि दोनों युवक उसे तरह-तरह से प्रताड़ित करते थे। आजम ने कई दफा उसे पीटा भी था।
फास्ट ट्रैक कोर्ट न्यायाधीश परवेंद्र कुमार शर्मा ने पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन किया। अभियोजन की ओर से प्रभारी डीजीसी मुकेश बाबू यादव और बचाव पक्ष के वकील की दलीलों को सुनने के बाद मुख्य आरोपी आजम को दस साल की कैद और 15 हजार का जुर्माना तथा सहयोगी इशरत को सात साल की कैद और पांच हजार के जुर्माने की सजा सुनाई।