बदायूं। वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में वर्ष 2014 की तुलना में मतदान करने में इस बार आधी आबादी ने बाजी मारी ली है। 2014 की तुलना में इस बार पुरुषों का मतदान प्रतिशत जहां घटा है वहीं महिलाओं के मतदान प्रतिशत में इजाफा हुआ है। पिछले चुनाव में पुरुषों के मतदान प्रतिशत का आंकड़ा 60.86 था वहीं इस बार यह घटकर 57.32 प्रतिशत रह गया, जबकि महिलाओं का मतदान प्रतिशत पिछले चुनाव में 54.56 था वहीं इस बार के चुनाव में यह बढ़कर 55.89 प्रतिशत हो गया।
बदायूं लोकसभा अंतर्गत शहर समेत बिसौली, बिल्सी,सहसवान और गुन्नौर विधानसभा आती हैं, जबकि आंवला लोकसभा के अंतर्गत जिले की दातागंज और शेखूपुर विधानसभा आतीं हैं। जिले में तृतीय चरण के तहत 23 अप्रैल को मतदान हुआ। मतगणना 23 मई को होगी। मतदान प्रतिशत बढ़ाने को जिले में कई तरह के जागरूकता कार्यक्रम चले, साथ ही बैठकों के जरिये जिला निर्वाचन अधिकारी दिनेश कुमार सिंह ने मतदाताओं को इस लोकतंत्र के महापर्व में आहुुति देने को प्रेरित किया। इतना सबकुछ होने के बाद भी 2014 में हुए चुनाव की अपेक्षा इस बार मतदान प्रतिशत कम रहा। इसमें जो सबसे ज्यादा गौर करने वाली बात है, वह यह कि पुरुषों की अपेक्षा महिला मतदाताओं ने इस बार वोट डालने में ज्यादा दिलचस्पी ली।
2014 में हुए चुनाव के आंकड़ों पर नजर डालें तो बदायूं संसदीय क्षेत्र की गुन्नौर विधानसभा में पुुुरुषों ने 62.17 फीसदी, बिसौली में 61 फीसदी, सहसवान में 60.95 फीसदी, बिल्सी में 58.99 फीसदी तथा बदायूं में 61. 20 फीसदी मतदान किया था, जबकि महिलाओं ने गुन्नौर में 48.76 फीसदी, बिसौली 56.79 फीसदी, सहसवान में 56.05 फीसदी, बिल्सी में 54.62 फीसदी और बदायूं में 56.59 फीसदी महिला मतदाताओं ने मताधिकार का प्रयोग किया था। इस तरह कुल पुरुष मतदाताओं का प्रतिशत 60.86 फीसदी रहा था, जबकि महिलाओं का 54.56 फीसदी रहा।
इस बार के चुनाव में महिलाओं की लाइन लगभग हर बूथ पर लगी रही। जाहिर है उन्होंने पुरुषों से ज्यादा मतदान किया। इस बार सभी विधानसभाओं में पुरुषों का आंकड़ा जहां 57.32 प्रतिशत रहा वहीं महिलाओं ने 55.89 प्रतिशत मतदान किया।
पुरुषों की अपेक्षा महिलाओं के ज्यादा वोट डालने के पीछे राजनीति से जुड़े लोग कई तर्क दे रहे हैं। कुछ का कहना था कि महिलाएं वोट डालने घर से निकल जातीं हैं, जबकि पुरुष घूमने में ही वक्त बिता देते हैं। दूसरा तर्क यह भी दिया जा रहा कि गेहूं की कटाई चल रही है सो देहात क्षेत्र में पुरुष कटाई में लगे रहे। एक बात यह भी कही गई कि पुरुषों में ऐसे भी मतदाता होते हैं जो किसी को वोट नहीं करते। शायद इस बार उनकी संख्या ज्यादा रही होगी। इन सभी कारणों के चलते ही इस बार महिलाएं- पुरुषों से वोट डालने में आगे रहीं।