बदायूं। शिक्षकों-कर्मचारियों के आंदोलन का असर शाम तक शहर में जाम के रूप में देखने को मिला। कचहरी तिराहे के साथ ही इंदिरा चौक, पुलिस लाइन और अस्पताल रोड पर बड़ा जाम रहा। हर रोड पर वाहन ही वाहन नजर आए। बहुत से दोपहिया और चार पहिया वाहन वाले गलियों से निकलने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन उन गलियों में भी शाम तक जाम जैसे हालात बने रहे। लिहाजा, ट्रैफिक पुलिस वालों को जाम खुलवाने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।
जिले भर से मालवीय आवास पर पुरानी पेंशन की बहाली की मांग को लेकर शिक्षक-कर्मचारी पहुंचे। अधिकांशत: अपने दोपहिया और चार पहिया वाहनों से आए। सो उन्होंने कचहरी तिराहे पर हर रोड पर अपने वाहनों को खड़ा कर दिया। रोड पर आंदोलनकारियों की भारी भीड़ और वाहनों के होने से हर तरफ जाम लग गया। दोपहर करीब साढ़े 12 बजे कचहरी तिराहे से पुलिस लाइन, इंदिरा चौक, जिला अस्पताल रोड के दोनों ओर वाहनों के फंस जाने से बड़ा जाम लग गया। मुख्य रास्तों पर जाम लग जाने के बाद शहर में कश्मीरी चौराहा, इंदिरा चौक, गद्दी चौक, शिवपुरम, लालपुल आदि पर भी वाहन फंस गए। इसी दौरान शहर के स्कूलों की छु्टटी हुई सो स्थिति और विकट हो गई। स्कूली बच्चों को भी जाम के झाम से परेशानी उठानी पड़ी।
लगता है जाम...भागते हैं तब
दरअसल,शहर में जाम की समस्या रोजाना की है। उसकी वजह है कि शहर में हर तरफ से वाहन अंदर आ जाते हैं। परिणामस्वरूप जाम लग जाता है। लोगों का कहना है कि नो एंट्री जोन में वाहनों का प्रवेश कतई नहीं होने दिया जाए तो इस समस्या से काफी हद तक निजात पाई जा सकती है। जाम लगने पर ही ट्रैफिक वाले भागते हैं। बाकी वह इधर-उधर ही घूमते हैं।