फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

डॉक्टरों के पैनल ने किया हरिया का पोस्टमार्टम, वीडियोग्राफी हुई

विज्ञापन
विज्ञापन
डॉक्टरों के पैनल ने किया हरिया का पोस्टमार्टम, वीडियोग्राफी हुई
विज्ञापन

बदायूं। होमगार्ड के हत्या आरोपी हरी सिंह उर्फ हरिया की लाश मिलने के बाद परिवार वालों ने हत्या की आशंका जताई थी। उन्होंने कहा था कि उसके शव का पैनल से पोस्टमार्टम कराया जाए और वीडियोग्राफी भी कराई जाए, जिससे मृत्यु का कारण सार्वजनिक हो। पुलिस उनके साथ धोखा नहीं कर सके। परिवार वालों की मांग पर रविवार देर रात पुलिस ने पैनल से ही हरिया के शव का पोस्टमार्टम कराया और वीडियोग्राफी भी कराई। परंतु उसकी पोस्टमार्टम में मृत्यु का कारण स्पष्ट नहीं हो सका। चिकित्सकों ने विसरा प्रिजर्व कर दिया है।      
करीब 30 वर्षीय हरी सिंह उर्फ हरिया उघैती थाना क्षेत्र के ग्राम महानगर निवासी था। उसके खिलाफ करीब डेढ़ दर्जन मुकदमें दर्ज थे। उघैती कस्बे में 20 दिसंबर की रात बदमाशों की गोली से मारे गए होमगार्ड छत्रपाल यादव की हत्या में हरिया का नाम उजागर हुआ था। उघैती पुलिस ने होमगार्ड हत्या कांड का खुलासा किया था, जिसमें दो बदमाश सुनील और सुखपाल गिरफ्तार दिखाए गए थे। जबकि हरिया और भगवान सिंह फरार बताए गए थे। रविवार सुबह हरिया की लाश जरीफनगर इलाके में दानपुर और सूरजपुर के बीच खेत में पड़ी मिली थी। पुलिस ने परिवार वालों के आने से पहले शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था। बाद में हरिया के परिवार वालों ने नाधा पुलिस चौकी पर जमकर हंगामा किया। उघैती पुलिस पर हरिया की हत्या का आरोप लगाया। साथ ही कार्रवाई नहीं होने पर आत्महत्या करने की धमकी दी। परिवार वालों ने उसी समय मांग की थी कि हरिया के शव का डॉक्टरों के पैनल से पोस्टमार्टम कराया जाए और उसकी वीडियोग्राफी जरूर कराई जाए। इस मांग पर रविवार देर रात दो चिकित्सकों का एक पैनल गठित किया गया। रात करीब नौ बजे उसके शव का पोस्टमार्टम हुआ और वीडियोग्राफी कराई।        
विज्ञापन

पोस्टमार्टम रिपोर्ट की माने तो हरिया के शरीर पर चोटों के निशान नहीं मिले हैं और न ही उसकी मौत का कारण स्पष्ट हुआ। मौत का कारण जानने के लिए चिकित्सकों ने विसरा प्रिजर्व कर दिया। उसके बाद शव को परिवार वालों के हवाले कर दिया गया।      
--
पुलिस की कड़ी सुरक्षा में हुआ अंतिम संस्कार       
उघैती/जरीफनगर। हरी सिंह उर्फ हरिया के शव का सोमवार सुबह पुलिस की कड़ी सुरक्षा में अंतिम संस्कार किया गया। सीओ सिटी राघवेंद्र सिंह राठौर और उघैती-जरीफनगर पुलिस बल अंतिम संस्कार से पहले ही पहुंच गए। इस दौरान परिवार वालों ने गुस्सा प्रकट किया लेकिन पुलिस बल मौजूद होने से गांव में शांति व्यवस्था बनी रही। हरिया के शव को श्मशान भूमि ले जाया गया। जहां शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया। इस दौरान गांव के दर्जनों लोग और हरिया के रिश्तेदार मौजूद रहे।
--
विवादों में घिरे उघैती एसओ 
हटे, प्रमोद को मिला चार्ज
बदायूं। कई घरों और दुकानों में चोरी, फिर होमगार्ड की हत्या और उसके हत्या आरोपी हरिया की लाश मिलने के मामलों को लेकर विवादों में घिरे उघैती एसओ ललित भाटी को एसएसपी अशोक कुमार ने हटा दिया है। उनके स्थान पर मूसाझाग इंस्पेक्टर प्रमोद कुमार को भेजा गया है, हालांकि उन्हें मूसाझाग थाने का चार्ज दे दिया गया है।    
विज्ञापन

उघैती थाने से हटाए गए ललित भाटी की सक्रियता पर उसी समय सवाल उठे थे जब कस्बे में डंडे के सहारे ड्यूटी कर रहे होमगार्ड की गोली मारकर बदमाशों ने हत्या कर दी थी। जिन बदमाशों ने हत्या की थी, उन्होंने नगर के दो घर और एक कंप्यूटर कोचिंग सेंटर खंगाला था। चोरी का माल लेकर भागते समय बदमाशों ने होमगार्ड को गोली मारी थी। जबकि प्लाटून कमांडर राजेंद्र बाल-बाल बच गया था। अगर उस रात पुलिस कस्बे में गश्त पर होती तो शायद न तो चोरी होती और न होमगार्ड की हत्या। उसके बाद एसओ की सक्रियता पर तब सवाल उठे जब होमगार्ड के हत्या आरोपी हरी सिंह उर्फ हरिया की लाश मिली। हरिया के भाई ने न सिर्फ ललित भाटी पर गंभीर आरोप लगाए। बल्कि उनके खिलाफ तहरीर भी दी। हरिया की लाश मिलने के दौरान ललित भाटी के खिलाफ क्षेत्रीय लोगों में काफी रोष देखने को मिला। इन शिकायतों को देखते हुए रविवार देर रात अवकाश से लौटे एसएसपी अशोक कुमार ने उघैती एसओ ललित भाटी का मूसाझाग ट्रांसफर कर दिया। जबकि उनके स्थान पर मूसाझाग का चार्ज संभाल रहे इंस्पेक्टर प्रमोद कुमार को भेज दिया। इधर, इस्लामनगर इंस्पेक्टर धीरज कुमार सोलंकी को क्राइम ब्रांच भेजा गया है। जबकि इस्लामनगर का चार्ज उसी थाने में तैनात दरोगा सुधाकर सिंह को दिया है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें