आखिर कहां से आए कारतूस
के खोखे, मंथन शुरू
मजिस्ट्रेटी जांच में शामिल होगा कारतूस का मामला
अमर उजाला ब्यूरो
बदायूं। पटाखा फैक्ट्री में विस्फोट के बाद मलबे में दबे मिले कारतूस के खोखे अब तक सवाल बने हुए हैं, कि आखिर पटाखा फैक्ट्री में कारतूस के खोखे कहां से आए। पुलिस अधिकारियों ने इस विषय पर कुछ बताने से परहेज किया है। उन्होंने इतना जरूर कहा है कि इस मामले को मजिस्ट्रेटी जांच में शामिल किया जाएगा।
12 बोर कारतूस के तीन खोखे शुक्रवार शाम पटाखा फैक्ट्री में विस्फोट के बाद मलबे में दबे मिले थे। उस समय घटनास्थल पर डीएम दिनेश कुमार सिंह, एसएसपी अशोक कुमार, एसडीएम सदर पारसनाथ मौर्य, एसपी देहात डॉ. सुरेंद्र प्रताप सिंह, सीओ सिटी राघवेंद्र सिंह राठौर, तहसीलदार आरपी चौधरी और अन्य पुलिस अधिकारी समेत जनता के लोग मौजूद थे। तभी तीन कारतूस के खोखे मिलने की बात सामने आई थी। चूंकि हादसा इतना बड़ा था कि लोग कारतूस की बात भूल गए थे और कौन घायल और कौन मृतक को जानने में लग गए थे। चर्चा तो यह थी कि कारतूस बिल्कुल नए थे। उनमें बारूद नहीं भरा गया था। वह कारतूस के खोखे कहां से आए, वह दुकान में थे या पहले से पड़े थे अभी इसकी पुष्टि नहीं हुई है।
------------
लापरवाही की वजह से पटाखा फैक्टी में विस्फोट हुआ था। जो एटीएस टीम मौके पर गई थी प्रथम दृष्टतया यही निकलकर सामने आया है कि कोई उसमें बीड़ी आदि पी रहा होगा। तभी यह हादसा हुआ है। रही बात कारतूस के खोखे मिलने की तो मौके पर एक कारतूस का खोखा मिला था। वह पहले से पड़ा था या कोई डाल गया था। यह जांच का विषय है। मजिस्ट्रेटी जांच में सब स्पष्ट हो जाएगा।
-अशोक कुमार, एसएसपी
------------------