दहेज की खातिर विवाहिता को जलाकर मार डालने में नामजद पति, सास और ससुर को अपर सत्र न्यायाधीश तृतीय मधुलिका चौधरी ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। तीनों पर पांच-पांच हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। घटना चार साल पहले थाना अलापुर क्षेत्र में घटी थी।
शाहजहांपुर के मोहल्ला छोटा चौक निवासी अमित वर्मा पुत्र गिरीश वर्मा ने दो जुलाई 2014 को थाना अलापुर में रिपोर्ट लिखाई थी कि उसकी बहन मनी वर्मा की शादी काशीराम कॉलोनी निवासी करन पुत्र प्रवेंद्र वर्मा के साथ हुई थी। बहन की शादी में अपनी हैसियत के मुताबिक दान-दहेज दिया गया। आरोप था कि फिर भी मनी वर्मा के ससुराल वाले संतुष्ट नहीं थे और वह 75 हजार रुपये की नकदी के साथ ही जेवर लाने की मांग करते थे। इसे लेकर ससुराल वाले अक्सर मनी वर्मा को तरह-तरह से प्रताड़ित करते थे। घटना से एक सप्ताह पहले पहले मनी वर्मा पति के साथ मायके आई थी। दो-तीन दिन रुकने के बाद मायके वालों ने उसे समझा-बुझाकर ससुराल भेज दिया। उस वक्त भी मनी ने कहा था कि ससुराल वाले उसे मार देंगे। दो जुलाई को उन्हें सूचना मिली थी कि मनी वर्मा को ससुराल वालों ने जला दिया है। जब वह अलापुर पहुंचे तो ससुराल वाले घर पर नहीं थे। लाश पड़ी थी। मृतका के भाई अमित वर्मा ने पति करन वर्मा, ससुर प्रवेंद्र वर्मा और सास किरन वर्मा, देवर रोहित और सचिन को नामजद किया था। पुलिस ने विवेचना के बाद करन, प्रवेंद्र और किरन के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की।
अपर सत्र न्यायाधीश मधुलिका चौधरी ने पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन किया। अभियोजन की ओर से प्रभारी डीजीसी मुकेश बाबू यादव और बचाव पक्ष के अधिवक्ता की दलीलों को सुनने के बाद पति करन वर्मा, ससुर प्रवेंद्र और सास किरन को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। तीनों पर पांच-पांच हजार का अर्थदंड भी लगाया है।