अमर उजाला महाचौपाल
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फोटो- 15 बीडीएनयूजेएचपीएच-01,02
बसोमा: पानी की किल्लत ने परेशान किया
आठ सौ मीटर गलियारों में सीसी रोड की दरकार, ग्रामीण उठा चुके हैं उप प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की मांग
अमर उजाला ब्यूरो
उझानी (बदायूं)।
इलाके में सर्वाधिक आबादी वाले गांवों में एक बसोमा के खस्ताहाल गलियारे ग्रामीणों के लिए परेशानी की वजह बने हुए हैं। दिक्कत सरकारी सुविधाओं को लेकर भी है लेकिन निजी संसाधनों से जरूरतों को पूरा कर लेने वाले ग्रामीणों को पेयजल की किल्लत ने सबसे अधिक परेशान कर रखा है। आबादी के लिहाज से गांव को काफी पहले ही पेयजल पुनरोद्धार योजना का लाभ मिल जाना चाहिए था लेकिन प्रशासनिक उदासीनता के कारण समस्या बरकरार है।
करीब 12 हजार आबादी वाली बसोमा ग्राम पंचायत में हर जाति और धर्म के लोग आपसी सामंजस्य से रहते हैं। परस्पर प्रेम और सौहार्द की मिसाल बने इस गांव के छह-सात गलियारे अब भी कच्चे हैं। अगर यहां सीसी रोड बन जाए तो पूरा गांव ही चकाचक दिखेगा। प्रधान ऊषा देवी ने बताया कि गलियारों को पक्का कराने के लिए उन्होंने अपने जिला पंचायत सदस्य पति ओमकार के साथ पहल भी की है। जिला पंचायत प्रशासन को प्रस्ताव भी सौंपा जा चुका है। इसके अलावा सरकारी योजनाओं का लाभ वृद्ध, बेवाओं, दिव्यांगों को मिले, इसके लिए समाज कल्याण विभाग में 60 आवेदन किए गए हैं, जिन पर अभी कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
इसी क्रम में उप प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की भी जरूरत है। बसोमा में अब तक करीब 30 फीसदी घरों में शौचालय नहीं बन पाए हैं। आवेदकों की फेहरिस्त काफी लंबी है। सौ से अधिक गृहस्वामियों का नाम शौचालय अनुदान के लिए सूची में शामिल हो चुका है। प्रधान ने बताया कि वह चाहती हैं कि गांव की बहू और बेटियों को खुले में शौच के लिए नहीं जाना पड़े। पेयजल की समस्या से निजात दिलाने के लिए करीब पांच साल पहले ग्रामीणों को उम्मीद जागी थी कि पेयजल पुनरोद्धार योजना में उन्हें लाभ मिलेगा। योजना के तहत ओवरहेड टैंक और नलकूप बनने के साथ पाइप लाइन भी बिछती लेकिन प्रस्ताव मंजूर नहीं हो पाया। प्रधान ने बताया कि प्रत्येक घर में बिजली कनेक्शन पहुंचाने के लिए विभाग को पांच दर्जन से अधिक पोल भी लगाने होंगे।
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सूरते हाल
आबादी- 12000
वोटर- 3600
परिवार 1600
शौचालय- 1100
-सड़क-
सीसी- 2100 मीटर
खड़ंजा- 800 मीटर
-लाभार्थी-
सरकारी आवास- 50
वृद्धावस्था पेंशन- 60
विधवा पेंशन- 180
दिव्यांग पेंशन- 30
प्राथमिक विद्यालय- 01
उच्च प्राथमिक विद्यालय- 01
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वर्जन
फोटो- 15 बीडीएनयूजेएचपीएच-02
गांव के विकास के लिए विधायक निधि से सहयोग मांगते हुए पत्र सौंप दिया है। ग्राम निधि के खाते में जो धन आता है, उससे जरूरी काम तो किए जा सकते हैं लेकिन विकास को रफ्तार नहीं दी जा सकती। उनके पति ने ग्रामीण विकास मंत्रालय के लिए भी चिट्ठी लिखी थी। अगर सुनवाई हो गई तो गांव का कायाकल्प हो जाएगा।
-ऊषादेवी, प्रधान।