शहर में 137 धर्मस्थलों पर लगे
हैं लाउडस्पीकर, नोटिस जारी
अनुमति लेने की प्रक्रिया तेज, नहीं ली तो उतारे जाएंगे ध्वनि यंत्र
अमर उजाला ब्यूरो
बदायूं।
कोर्ट और शासन की प्राथमिकता के मुताबिक जिले भर में धर्मस्थलों को चिह्नित करके वहां लाउडस्पीकर हटवाने या उसकी अनुमति दिलाने का काम चल रहा है। पुलिस ने चिह्नित किया है कि शहर में 137 धर्मस्थलों पर लाउडस्पीकर लगे हैं। पुलिस ने इन्हें नोटिस दिए हैं। अब इन्हें निर्धारित आवाज में तय अवधि में लाउडस्पीकर बजाने की अनुमति दी जा रही है। इसका वक्त भी तय रहेगा।
सदर कोतवाली क्षेत्र में यूं तो डेढ़ सौ से अधिक धर्मस्थल हैं पर पुलिस ने चिह्नीकरण किया है तो इसमें 98 पर पहले से लाउडस्पीकर लगे हैं। इनमें मंदिर भी हैं और मस्जिद भी। इसी तरह सिविल लाइन थाना क्षेत्र में 39 स्थानों पर लाउडस्पीकर लगे हैं। इनमें बीस मंदिर और 19 मस्जिद हैं। मानव उत्थान सेवा समिति का दातागंज रोड स्थित आश्रम भी मंदिरों की ही श्रेणी में शामिल किया गया है। कोतवाली पुलिस ने सभी धर्मस्थलों के प्रमुखों को नोटिस जारी किए हैं। इनसे अपेक्षा की गई है कि वह नियमावली को पढ़कर अनुमति के लिए आवेदन कर दें। निरीक्षण की तिथि तय होने के बाद कोई बहाना नहीं चलेगा। बिना अनुमति वाले धर्मस्थलों से न केवल लाउडस्पीकर उतारे जाएंगे, बल्कि प्रमुखों और मुतवल्लियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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इससे ज्यादा ध्वनि पर कार्रवाई
शासन से जारी गाइड लाइन के मुताबिक औद्योगिक क्षेत्र में दिन के वक्त लाउडस्पीकर की ध्वनि अधिकतम 75 डेसीबल तो रात में 70 डेसीबल से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। कामर्शियल एरिया में दिन के समय अधिकतम ध्वनि 65 तो रात में 55 डेसीबल, आवासीय क्षेत्र में दिन में 55 तो रात में 45 डेसीबल होना चाहिए। इसके अलावा साइलेंस जोन में दिन में 50 तो रात में 40 डेसीबल से ज्यादा ध्वनि पर कार्रवाई होगी।
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सदर कोतवाल बने उड़नदस्ता प्रभारी
अनुमति लेने की समय सीमा पूरी होते ही जिले भर में चेकिंग अभियान चलाया जाएगा। इसके लिए डीएम के निर्देश पर उड़नदस्ते बनाए गए हैं। शहर क्षेत्र में सदर कोतवाल अजय यादव को उड़नदस्ता प्रभारी बनाया गया है तो ग्रामीण क्षेत्र में संबंधित थाना क्षेत्र के एसओ यह प्रभार संभालेंगे। बताते हैं कि निरीक्षण के दौरान ध्वनिमापक यंत्र भी टीम के पास रहेगा। इसमें निर्धारित से ज्यादा आवाज की पुष्टि होते ही कार्रवाई की जाएगी।
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धर्मस्थलों के साथ ही समारोहों में होने वाले शोर पर भी नजर रखी जाएगी। किसी को नियम का उल्लंघन करने की छूट नहीं होगी। बिना अनुमति या मानक से ज्यादा आवाज में ध्वनियंत्र के इस्तेमाल की पुष्टि होने पर गाइड लाइन में दर्ज धाराओं में रिपोर्ट कर कार्रवाई की जाएगी।
- कमल किशोर, एसपी सिटी