बदायूं। भारतीय किसान यूनियन की मालवीय आवास पर हुई बैठक में जिलाध्यक्ष ठाकुर धर्मपाल सिंह ने ग्रामीण क्षेत्र में मैला ढोने वाली महिलाओं के हक में आवाज उठाई।
यूनियन के जिला प्रचार मंत्री राजेश कुमार ने कहा कि मैला ढोने की प्रथा को भारत सरकार ने प्रतिबंधित कर दिया है। इसके बाद ज्यादातर लोगों ने मैला ढोना बंद कर दिया है। सरकार की ओर से मैला ढोने की कुप्रथा को छोड़ने वाली प्रत्येक महिला को 40 हजार रुपये आर्थिक मदद देने की बात कही गई थी। यह मदद कुछ ही स्वच्छकारों को मिली है। उन्होंने कहा कि विभाग के अधिकारी सर्वे के नाम पर लीपापोती करते हैं। सर्वेक्षणकर्ताओं ने स्वच्छकारों के मानव अधिकार का सरेआम हनन किया है और सर्वे न होने के कारण सर्वे पात्र सूची में अधिकतर ग्राम में रहने वाली स्वच्छकारों का नाम शामिल नहीं किया गया है। बहुत से गांव में स्वच्छकारों का सर्वे भी नहीं हुआ है। इस मौके पर जिला संगठन मंत्री करन राठौर, जयलायल, कल्लन मियां, बबलू, रामबरन, रविता देवी, मीरा देवी, सरोज, धर्मेंद्र, राजपाल, बुधपाल, मानवीर, शीला देवी, शांति, निराली देवी, गुड्डू, कुसुम आदि रहे।