विधानसभा चुनाव में महज एक माह का समय ही बचा है, लेकिन अब तक जिले के 1119 पोलिंग बूथों पर विद्युतीकरण नहीं किया जा सका है, जबकि 77 लाख 84 हजार रुपये की धनराशि बेसिक शिक्षा विभाग को प्राप्त हो चुकी है। इससे निर्वाचन जैसे महत्वपूर्ण कार्य में देरी की जा रही है।
जिले में 1802 प्राथमिक विद्यालय और 656 उच्च प्राथमिक विद्यालय संचालित हो रहे हैं। इन स्कूलों के साथ शहर में इंटर कॉलेज एवं अन्य भवनों को मिलाकर 2325 पोलिंग बूथ बनाए गए हैं। इनमें से 1119 पोलिंग बूथ पर विद्युतीकरण नहीं हुआ है, जिससे इन पोलिंग बूथ में मतदान कराने में दिक्कत का सामना करना पड़ेगा। इस समस्या को समझते हुए शेष बचे परिषदीय स्कूलों में विद्युतीकरण कराने के लिए विभाग को 77 लाख 84 हजार रुपये के करीब धनराशि प्राप्त हो चुकी है। धनराशि को स्कूलों में भेज दिया गया है, लेकिन अभी तक उसका वितरण नहीं किया जा सकेगा। अब चुनाव में जहां एक माह और कुछ दिन ही शेष बचे हैं। ऐसे में पोलिंग बूथों पर विद्युतीकरण का काम तक शुरू नहीं हुआ है, जबकि स्कूलों में भेजी जानी वाली धनराशि से वायरिंग, बोर्ड और बल्ब लगाने के निर्देश हैं। इससे कम समय में पोलिंग बूथ पर विद्युतीकरण का काम कब तक पूरा होगा। इस बारे में खुद बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों को पता नहीं हैं।
जिले में बेसिक शिक्षा विभाग को 77.84 लाख धनराशि प्राप्त हो चुकी है। इसे स्कूलों में भेज दिया गया है, जिससे कि वहां पर वायरिंग, बोर्ड और बल्ब लगाने का काम किया जा सके। जल्द ही विद्युतीकरण काम कर लिया जाएगा।
-पीसी यादव, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी