ट्रांसफार्मरों पर जमी मिट्टी, उग आई घास, हो सकता है हादसा
बदायूं। प्रदेश सरकार, पावर कारपोरेशन और जिला प्रशासन साफ सफाई और जनता को बेहतर बिजली मुहैया कराने में जुटे हैं। मगर स्थानीय अधिकारी और कर्मचारी सरकार की मंशा पर पलीता लगा रहे हैं। शहर में सड़क किनारे रखे ट्रांसफार्मरों पर मिट्टी जमने के साथ घास उग आई है। ट्रांसफार्मरों की सुरक्षा के नाम पर लोहे के जाल तो लगा दिए गए, लेकिन मुख्य गेट बंद नहीं किया गया। इस लापरवाही के चलते कभी बड़ा हादसा हो सकता है। हालांकि विभाग वाले बजट न होने की बात कह रहे हैं।
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संतोष सिंह तिराहा
संतोष सिंह तिराहे के पास में जहां पर ओवरब्रिज है। उसके पास ट्रांसफार्मर रखा हुआ है। जिससे आसपास की कॉलोनियों को बिजली की सप्लाई होती है। ट्रांसफार्मर से सटाकर कुछ ठेले वालों ने अपना सामान बेचना शुरू कर दिया है। अगर यहां पर कोई हादसा होता है तो जनहानि भी हो सकती है।
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बीएसए कार्यालय के सामने
बिजली विभाग की ओर से बीएसए कार्यालय के सामने सड़क किनारें ट्रांसफार्मर लगाया गया है। जिससे बीएसए, डीआईओएस कार्यालय समेत अन्य जगहों पर बिजली सप्लाई की जा रही है। विभाग की ओर ये यहां पर लोहे का जाल तो लगाया गया है, लेकिन कर्मचारी उस जाल के गेट को बंद करना भूल गए हैं। जिस वजह से वह हमेशा खुला रहता है। जिसमें कभी भी कोई जानवर घुस सकता है। वहां हादसा भी हो सकता है।
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एसएसपी कार्यालय के पास
एसएसपी कार्यालय के पास में लगे ट्रांसफार्मर की आसपास की स्थिति भी खराब है। ट्रांसफार्मर के आसपास इतनी घास उग आयी है कि वह दिखाई नहीं देता, लाइन को ठीक करने पहुंचे कर्मचारियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ता पड़ता है। ऐसे में अगर वहां पर कोई फाल्ट होता है, तो महकमे को काफी नुकसान उठाना पड़ सकता है।
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कचहरी तिराहा
सबसे व्यस्ततम इलाकों में से एक कचहरी तिराहा है। यहां पर तिराहे के पास में ट्रांसफार्मर रखा हुआ है। इस ट्रांसफार्मर के आसपास जो लोहे का जाल लगा हुआ है उसके बाहर काफी सफाई है, लेकिन अंदर के स्थिति खराब है। हालत ये की उसके अंदर घास के साथ-साथ बड़े-बड़े पौधे जम आए हैं।
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ट्रांसफार्मरों के आसपास साफ-सफाई के लिए बजट का प्रावधान नहीं है। मगर बजट मिलता है तो ट्रांसफार्मरों के आसपास साफ सफाई कराई जाएगी। ताकि वहां पर भी स्वच्छता रहे।
- अताउर जफर, अधिशाषी अभियंता प्रथम