जिले के करीब 16 हजार किसान अब भी कर्जमाफी के लाइन में हैं। इनमें अधिकतर किसानों ने सीएम के कर्ज माफी राहत योजना पोर्टल पर बैंकों के खिलाफ शिकायत की है। इस पोर्टल पर शनिवार दस मार्च तक शिकायतें स्वीकार की जाएंगी। किसानों ने अपनी शिकायत में बैंकों को दोषी ठहराते हुए कर्ज माफी की गुहार लगाई है।
प्रदेश सरकार की ओर किसानों के लिए ऋण माफी योजना लागू की गई। इसके तहत किसानों के ऋण माफ होने थे। जिले से 1.36 लाख किसानों ने कर्जमाफी के लिए आवेदन किया था। इसमें जिले के 90 हजार किसानों का एक लाख रुपये तक का कर्ज प्रदेश सरकार ने माफ किया था। बाकी किसानों को ऋणमाफी योजना का लाभ नहीं मिल पाया। वहीं किसानों ने शिकायत की थी कि बैंकों की गलती की वजह से किसान कर्ज माफी के लाभ से वंचित रह गए हैं। ऐसे किसानों को शासन ने ऑनलाइन शिकायत करने का मौका दिया है। शिकायतें 10 मार्च तक दर्ज कराई जा सकेंगी। अब तक जिले के 16 हजार चार सौ किसान शिकायत कर चुके हैं।
सबसे ज्यादा शिकायतें पीएनबी की
जिले की पंजाब नेशनल बैंक कादरचौक, म्याऊ, उसहैत, कछला, डहरपुर समेत करीब 12 बैंकों की ब्रांचों की सबसे ज्यादा शिकायत आयी है। इसमें किसानों को आरोप है कि उनकी खातों में बैंक ने रुपये डालकर तुरंत निकल लिए। जिस कारण वह लाभ लेने से वंचित हो गए।
जांच के लिए टीम हुई गठित
जिला स्तरीय टीम ऑन लाइन आए आवेदनों की जांच करेगी। इसके बाद में पात्र पाए जाने वाले किसानों की सूची तैयार की जाएगी। जिसके बाद में उनका ऋण दिलाया जाएगा। इमसें डीएम अध्यक्ष, सीडीओ सचिव के अलावा एडीएम, बैंक कोआर्डिनेटर, जिला कृषि अधिकारी, डीडी एग्रीकल्चर आदि टीम में रहेंगे।
क्या बोले किसान
चक्कर लगा रहे हैं, नहीं सुनता कोई
गांव के अन्य लोगों के साथ में हमने अपना फार्म भरा था। लेकिन हमारा कर्जा माफ नहीं हुआ। जबकि अन्य लोगों को मुझसे ज्यादा कर्ज था। जब बैंक गए तो वहां पर कोई सुनने को तैयार नहीं है। फिर से आवेदन किया है।
-सुरेंद्र सिंह, ललुआ नगला
बैंक कर्मचारी की गलती, भुगत रहे किसान
कर्ज माफी के लिए पिछली बार फार्म भरा था। इसके बाद में खाते में रुपये आए थे लेकिन कुछ समय में वह रुपये निकल भी गए। पता चला कि वह कर्ज माफी के नहीं थे। वह गलती से खाते में आए थे। उस गलती की वजह से हमारा ऋण माफ नहीं हुआ है।
-सुनील कुमार, दबतोरी
10 मार्च तक प्राप्त की जा सकेंगी शिकायत
किसानों की कर्जमाफी के लिए शिकायत 10 मार्च तक शाम पांच बजे तक की जा सकती है। इसके बाद में शासन स्तर से वेबसाइट बंद हो जाएगी। अब तक 16428 किसानों ने आवेदन किया है।
- विनोद कुमार, जिला कृषि अधिकारी