बदायूं।
जिले में बाढ़ नियंत्रण की समीक्षा बैठक में गलत आंकड़े पेश करने पर प्रदेश के नगर विकास राज्यमंत्री और जिले में बाढ़ नियंत्रण के प्रभारी मंत्री गिरीश कुमार यादव ने अफसरों को जमकर फटकार लगाई। समीक्षा बैठक में कई अफसर बाढ़ नियंत्रण का क्षेत्रफल भी नहीं बता पाए। इससे नाराज मंत्री ने कहा कि जब पूरी जानकारी नहीं है तो बाढ़ नियंत्रण के उपाय क्या करोगे। राज्यमंत्री ने यहां तक कह दिया कि पूर्ववर्ती सरकार में जैसे काम करते थे, वैसे अभी भी काम कर रहे हो, यह सब अब नहीं चलेगा। अगर सुधार न हुआ तो कार्रवाई से बच नहीं पाओगे। बुधवार को विकास भवन सभाकक्ष में राज्य नगर विकास मंत्री और बाढ़ के प्रभारी मंत्री यादव ने बाढ़ को लेकर समीक्षा बैठक की। उन्होंने सहसवान के एसडीएम से पूछा की बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रफल कितना है तो वो उन्हें संतुष्ट जवाब नहीं दे पाए। वहीं दातागंज एसडीएम भी उन्हें बाढ़ से प्रभावित गांवों की स्थिति की जानकारी संतोषजनक रूप से नही दे सके। इस पर नाराजगी जताते हुए राज्यमंत्री ने बाढ़ चौकियों, राहत सामग्री, रहन सहन, चिकित्सा आदि की जानकारी ली और अफसरों से पूछा कि राहत शिविर कितने संचालित हैं। अफसरों ने कोई शिविर संचालित न होने की बाद कही। इस पर राज्य मंत्री ने कड़ी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि बाढ़ प्रभावित गांवों में तत्काल जा कर समस्या का समाधान कराएं। कहा कि इसकी मॉनीटिरिंग सही से होनी चाहिए और बाढ़ से प्रभावित लोगों को दिक्कत नही होनी चाहिए। बैठक में डीएम अनिता श्रीवास्तव समेत कई अफसर मौजूद रहे।
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नगर निकायों के ईओ पर भी बरसे
राज्यमंत्री गिरीश कुमार यादव ने नगर निकायों के कार्यों की समीक्षा बैठक में पूरी तैयारी से न आने पर अधिशासी अधिकारियों से नाराजगी जताई। नगर निकाय में पार्क बनाने के लिए जगह का प्रस्ताव अधिकारियों से मांगा। उन्होंने शहर में स्वच्छता मिशन और औडीएफ के बारे चर्चा की तो पता लगा कि शहर के 29 वार्डों से मात्र 12 वार्ड ही ओडीएफ हो पाए हैं और अन्य नगर निकायों में किसी में दो, किसी में एक और कहीं एक भी वार्ड ओडीएफ नहीं हुआ है। इस पर उन्होंने तत्काल ओडीएफ कराने की चेतावनी दी। शहर में महापुरुषों की मूर्तियों पर छत लगवाने का निकायों की ईओ को विशेष जिम्मेदारी सौंपी। इसके बाद उन्होंने अधिशासी अधिकारियों को फटकार लगाते हुए कहा कि स्वच्छता समिति का गठन करने का समय 17 से 25 अगस्त था। इसके बाद भी गठन नही हो सका। बोले- शासन के आदेश पर कार्य करें। लापरवाही न करें, वरना कार्रवाई होगी।