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31 पूर्व प्रधानों व सचिवों से होगी 11 करोड़ 73 लाख की रिकवरी

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बदायूं। विकास कार्यों के नाम पर प्रधानों ने सचिवों की मदद से वित्तीय एवं प्रशासनिक शक्तियों का दुरुपयोग कर सरकारी धन का गबन किया। जब मामला जनपद स्तरीय अधिकारियों की जानकारी में आया, तो जिलाधिकारी ने मामले की जांच कराने के निर्देश दिए। गोपनीय जांच में जनपद के 31 पूर्व प्रधान ऐसे पाए गए, जिन्होंने सरकारी धन का गबन किया। जिस पर डीएम ने इन सभी पूर्व प्रधानों व सचिवों से 11 करोड़ 73 लाख सरकारी धनराशि की रिकवरी करने के निर्देश दिए हैं। इससे संबंधितों में खलबली मच गई है।
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शासन की मंशा है प्रदेश के सभी जनपदों में विकास कार्य कराए जाएं, जिसका लाभ वहां पर रहने वाली जनता को मिल सके। इसको लेकर ग्राम पंचायतों के लिए अलग-अलग निधियों से धनराशि मुहैया कराई जाती है। जनपद में ग्राम प्रधानों के लिए ये धनराशि आवंटित करने के बाद जनपद में विकास के काम तेजी से होने लगे थे, लेकिन इस विकास की आड़ में जनपद में कुछ ग्राम प्रधानों ने सचिवों के माध्यम से जनपद में सरकारी धन का दुरुपयोग करना शुरू कर दिया था। इसको लेकर लोगों ने स्थानीय स्तर पर इसकी शिकायत की, लेकिन उनकी आवाज को दबा दिया गया था। फिर ये मामला जिलास्तरीय अधिकारियों के संज्ञान में आया। तो गोपनीय स्तर से इन पूर्व प्रधानों के खिलाफ जांच होने लगी। जिसके बाद में 27 ग्राम पंचायतों के 31 पूर्व प्रधान ऐसे मिले, जिन्होंने सचिव के माध्यम से 11 करोड़ 73 लाख 11 हजार 969 लाख सरकारी धनराशि का गबन किया था। ऐसे में डीएम कुमार प्रशांत ने 31 पूर्व प्रधानों व सचिवों से सरकारी धनराशि वसूली करने के निर्देश दिए हैं।
इन ग्राम पंचायतों के प्रधानों से वसूली की कार्यवाही -
ग्राम पंचायत प्रधान का नाम---वित्तीय वर्ष---वसूली योग्य धनराशि
1- मचलई --नफीसा बेगम-- 2010-11 से 2015-16 तक -31,83,450
2-मचलई -- सरोज--2016-17 से 2017-18 तक --24,34,862
3-वरीखेडा उर्फ सिताबनगर--शिवपाल--2010-11 से 2017-18 तक-- 40,68,349
4-रूपापुर--नंद रानी --2010-11 से 2015-16 तक--49,67,994
5- रूपापुर--अमर सिंह --2016-17 से 2017-18 तक --11,93,072
6-रूखड़ा खौला--लीलावती--2010-11 से 2014-15 तक--19,34,733
7-मलगांव--सूरजवती 2010-11 से 2017-18 तक-- 37,43,630
8-रूपपुर--अन्जू 2010-11 से 2017-18 तक--45,57,412
9-बुद्धवाई--राजेश्वरी--2010-11से 2015-16 तक--20,24,109
10-बुधवाई--योगेंद्र कुमार--2015-16 से 2017-18 तक--15,48,299
11- खेड़ा बुजुर्ग--नाजमा बेगम-- 2010-11 से 2017-18 तक--1,71,77,684
12-नरेली महोरा--देवेन्द्र--2016-17 से 2017-18 तक-- 14,81,362
13-इस्लामगंज-- मनोज--2010 से 11तक-- 1,43,330
14- इस्लामगंज--प्रेमवती-- 2011-12 से 2017-18 तक--22,75,318
15-सहोरा धीमरी-- हिमचल-- 2010-11 से 2017-18 तक--52,88,938
16-किसरूआ--विमला देवी-- 2010-11 से 2017-18 तक-- 38,28,960
17-नवादा सुलरा-- इलायची-- 2016-17 से 2017-18 तक-- 3,97,193
18-रिजौली-- नेकसो देवी-- 2016-17 से 2017-18 तक--5,94,950
19- उतरना-- कीतला देवी-- 2010-11 से 2017-18 तक-- 60,66,801
20-जखेली-- सुशीला देवी-- 2012-13 से 2017-18 तक-- 17,88,426
21-कण्डेला-- ऊषा देवी-- 2010-11 से 2017-18 तक-- 47,51,952
22-मईबूचन-- रतनपाल--2010-11 से 2017-18 तक --21,88,348
23-गिधौल --सावित्री 2010-11 से 2017-18 तक-- 1,29,33,342
24-वाकरपुर खरैर--बेसरी 2010-11 से 2017-18 तक-- 43,11,61,38
25-गुरपुरी चन्दन--चन्द्रकली 2010-11 से 2017-18 तक --44,59,295
26- मल्लाहपुर-- शान्ती देवी 2016-17 से 2017-18 तक--10,45,951
27- हरनाथपुर उर्फ तालगांव --नगीना बेगम 2010-11 से 2017-18 तक-- 45,35,722
28-करौलिया-- समरजीत 2013-14 से 2017-18 तक-- 33,61,040
29- इकरी बसियानी --गीता 2010-11 से 2017-18 तक--36,41,322
30- दौरी नरोत्तम -- चरन सिंह 2010-11 से 2017-18 तक-- 26,99,015
31- नाई मिघौनिया -- सतेन्द्र कुमार 2010-11 से 2017-18 तक--46,85,492
- 27 ग्राम पंचायतों के पूर्व प्रधान व सचिवों ने शासकीय धनराशि का गबन किया गया है। वे जांच में प्रथम दृष्टया दोषी पाए गए हैं। उनके द्वारा अपने पद की वित्तीय व प्रशासनिक शक्तियों का निरंतर दुरुपयोग किया गया है। ऐसे में इनसे वसूली की जाएगी।
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-कुमार प्रशांत, डीएम
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