वंचितों के आधार कार्ड बनाने को जिले में व्यापक व्यवस्था
आज से शुरू होगा विशेष अभियान, जनता को घर के पास मिलेगी सुविधा
पूरे जिने में बुधवार 13 से 30 अप्रैल तक विशेष अभियान चलाकर आधार कार्ड बनाने वाली विभिन्न नौ एजेंसियों की 104 किटें लगाकर सभी आगंनबाड़ी केंद्रों, प्राथमिक, उच्च प्राथमिक विद्यालयों, इंटर कॉलेजों के बच्चों सहित अन्य जनसामान्य के शत-प्रतिशत आधार कार्ड बनाएं जाएंगे। सभी सरकारी योजनाओं में अब आधार नंबर को लिंकअप किया जा रहा है। जिसके पास आधार नंबर नहीं होगा, वह सरकारी योजनाओं का लाभ पाने से वंचित हो सकते हैं।
मंगलवार को कलक्ट्रेट स्थित सभा कक्ष में जिलाधिकारी सीपी त्रिपाठी ने सीडीओ प्रताप सिंह भदौरिया, एडीएम वित्त एवं राजस्व राजेंद्र प्रसाद यादव, एडीएम अशोक कुमार श्रीवास्तव सहित सभी एसडीएम, तहसीलदारों, खंड विकास अधिकारियों और अन्य संबंधित अधिकारियों, आधार कार्ड बनाने वाली एजेंसियों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर निर्देश दिए कि इस अभियान के दौरान शत-प्रतिशत आधार कार्ड बनवाए जाएं और अभियान का गांव-गांव विशेष प्रचार-प्रसार किया जाए। गांव में जिस दिन आधार कार्ड बनाने वाले ऑपरेटर पहुंचे, वहां लोग पहले से मौजूद हों। शतप्रतिशत आधार कार्ड बनाने के लिए लेखपालों, आगंनबाड़ी कार्यकत्रियों, ग्राम विकास अधिकारियों, ग्राम पंचायत अधिकारियों, खंड शिक्षा अधिकारी, खंड विकास अधिकारियों का पूर्ण सहयोग लिया जाए। जिलाधिकारी ने आधार कार्ड बनाने वाली एजेंसियों के प्रतिनिधियों को निर्देश दिए कि जेनरेटर, प्रिंटर की भी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए और नामांकन के बाद प्रत्येक दशा में पर्ची उपलब्ध कराई जाए। इस अवसर पर नगर मजिस्ट्रेट अजय कुमार श्रीवास्तव, डीडीओ संतोष कुमार सिंह मौजूद रहे।
किस तहसील में लगेंगी कितनी किट
बदायूं। इस माह की 13 से 30 अप्रैल के मध्य चलने वाले अभियान के तहत नगर पालिका परिषद बदायूं एवं उझानी में एक-एक, तहसील बिसौली, सदर, दातागंज में बीस-बीस और तहसील सहसवान एवं बिल्सी में 21-21 किटें लगाकर सभी तहसीलों के ग्रामीण शहरी इलाकों के लोगों को आधार कार्ड धारक बनाया जाएगा। इस कार्य में सहयोग न कराने वाले अधिकारियों, कर्मचारियों के प्रति कार्रवाई भी अमल में लाई जाएगी।
बच्चा छोटा हुआ तो मां की गोद में खिंचेगा फोटो
बदायूं। विशेष अभियान के दौरान आंगनबाड़ी केंद्रों में जाने वाले छोटे-छोटे बच्चों के भी आधार कार्ड बनाए जाएंगे। छोटे बच्चों के फिंगर प्रिंट न लेकर उनके अभिभावकों के फिंगर प्रिंट लिए जाएंगे। कोई बच्चा ज्यादा छोटा है तो उसकी मां के गोद में ही बच्चे का फोटो ले लिया जाएगा। आगंनबाड़ी केंद्रों पर जाने वाले बच्चों की आयु एवं उनके पते को आगंनबाड़ी वर्कर द्वारा सत्यापित किया जाएगा।