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अंतरिम बजट में दिखी लोकसभा चुनाव की झलक

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बदायूं। केंद्रीय वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने संसद में बजट प्रस्तुत करते हुए हर वर्ग के लोगों को साधने की कोशिश की है। सबका साथ-सबका विकास के नारे से मेल खाते आम बजट में सबसे अहम बात तो यह है कि केंद्र सरकार ने आयकर सीमा छूट को बढ़ाकर पांच लाख रुपये कर दिया है। आयकर सीमा में छूट को लेकर वित्तमंत्री से पिछले बजट भी उम्मीद थी लेकिन अब की बार उसे पूरा कर दिखा दिया गया। साथ ही किसानों से लेकर गरीब तबके के लोगों को भी राहत मिली है। सबसे अहम बात तो यह कि आने वाले पांच साल में एक लाख गांवों को डिजिटल बनाया जाएगा। फसलों के समर्थन मूल्य में वृद्धि के साथ पशु और मछली पालन के लिए भी किसानों को छूट मिलेगी। घरेलू कामगारों का भी बजट में ख्याल रखा गया है। इलाके के समाजशास्त्री और बजट के जानकारों से लेकर प्रमुख व्यक्तियों ने भी इसे आम चुनाव की दहलीज पर खड़े देश के लिए अच्छे दिनों का आगाज माना है। ब्यूरो
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देश के हर व्यक्ति को इस बजट से कुछ न कुछ मिला है। पांच लाख की इनकम पर कोई टैक्स नहीं है। रियल स्टेट जो सबको रोजगार देने वाला फैक्टर है, उसमें भी बजट नए प्राण फूंकने का काम करेगा। 40 हजार रुपये की एफडी पर कोई टीडीएस नहीं कटने पर बैंकों का डिपॉजिट बढ़ेगा और कागजी कार्रवाई भी बहुत कम होगी। कैपीटल गेन में 54 एफ के अंतर्गत एक की जगह दो मकान खरीदने पर छूट दी गई है। वहीं गरीब किसानों के खाते पर धनराशि सीधा पहुंचने से उन्हें भी फायदा मिलेगा। इस बजट में सबसे खास बात ये हैं कि इतना सब कुछ देने के बावजूद फिजिकल डेफिसिट मात्र 3.4 पर ही रखा है। जिस वजह से किसी भी चीज के दाम नहीं बढ़े हैं, वो यथावत है।
-उपेंद्र गुप्ता, सीए
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सरकार ने बजट में आयकर एवं ग्रेच्युटी की सीमा दोगनी करके व लघु बचतों पर छूट देकर कर्मचारियों, मध्यम वर्ग को बड़ी राहत दी है। यह स्वागत योग्य है, लेकिन सरकार द्वारा पुरानी पेंशन की बहाली न करके निराशा भी हुई है। सरकार को पुरानी पेंशन बहाल करनी चाहिए।
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-रवींद्र मोहन सक्सेना, जिलाध्यक्ष उप्र राज्य कर्मचारी महासंघ
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केंद्रीय वित्तमंत्री पीयूष गोयल ने जो बजट पेश किया है, वह जनता के हित में है। सरकार से लोगों को जो उम्मीदें थी, उन्हें भी मोदी सरकार ने पूरा कर दिखाया है। बजट से जुड़ी योजनाओं का लाभ हर व्यक्ति को मिलेगा। किसानों, व्यापारियों, नौकरीपेशा को लाभ मिलेगा। घरेलू जरूरतें पूरा करने में भी कोई दिक्कत नहीं होगी।
-अंकुर वार्ष्णेय, उझानी
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बजट में आयकर सीमा छूट को लेकर सरकार ने अच्छा काम किया है। काफी समय से इसकी जरूरत भी थी। छोटे किसानों का भी ख्याल रखा गया है। उन्हें पूरा फायदा मिलेगा। कुल मिलाकर वित्तमंत्री ने बजट बनाते समय सभी के हित पर गौर किया है। बजट से किसी को भी नुकसान नहीं है लेकिन रोजगार को लेकर निराशा मिली है।
-मोहम्मद अजीम, समाज शास्त्री
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राजनीतिक बिसात पर अपना-अपना नजरिया
बदायूं। आम बजट राजनीतिक स्तर पर किसी को अच्छा लगा तो भाजपा विरोधी इसे चुनावी बिसात पर जुमलेबाजी करार दे रहे हैं। विरोधी दलों के नेताओं का साफ कहना है कि केंद्र सरकार ने अपना राजनीतिक हित साधने के लिए जनता का गुमराह करने का काम किया है वहीं भाजपा ने तो इसे ऐतिहासिक कदम बताया है।
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-सरकार का आखिरी पड़ाव है। जनता को गुमराह किया जा रहा है। लोगों को बेवकूफ बनाने का प्रयास किया किया गया है। अगर भाजपा को कुछ देना होता तो पहले घोषणाएं करते। बजट से लोगों को निराशा मिली है।
-आशीष यादव, जिलाध्यक्ष सपा
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हमेशा की तरह ये भी झुमलेबाजी है। क्योंकि ये पूरी तरह चुनावी बजट है। इन्हें कुछ करना ही नहीं है और आगे भी इस सरकार से कोई उम्मीद नहीं है। सरकार ने लोगों ठगा है। केंद्र सरकार नहीं चाहती कि जनता को उसका हक मिले।
-साजिद अली, जिलाध्यक्ष कांग्रेस
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चुनाव की वजह से ये लोक लुभावना बजट लाए हैं। चुनावी बजट होने की वजह से जनता को कोई लाभ नहीं होने वाला है। सिर्फ ये खोखले वायदे है। कुछ दिनों बाद आचार संहिता लग जाएगी। फिर सरकार कह देगी कि हम क्या करें।
-डॉ. लाखन सिंह, जिलाध्यक्ष बसपा
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केंद्र सरकार ने जो बजट आज पेश किया है वह जनकल्याणकारी है। मध्यमवर्ग के लोगों के लिए ये राहत देने वाला है। पहली बार रक्षा बजट पर तीन लाख करोड़ दिया है। सबसे खास बात छोटे किसानों के लिए भी फायदा मिलेगा।
- हरीश शाक्य, जिलाध्यक्ष भाजपा
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महिलाओं की मिश्रित प्रतिक्रिया
बदायूं। महिलाओं ने भी केंद्र सरकार के आम बजट को लेकर खुशी का इजहार किया है। महिलाएं इस बात से ज्यादा खुश दिखीं कि बजट में उनसे जुड़े मुद्दों को शामिल करके राहत प्रदान की गई है। खासकर आयकर सीमा में छूट ने तोहफे का काम किया है। इसके विपरीत घरेलू वस्तुएं सस्ती न होने पर महिलाए कुछ निराश भी हैं।
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आम बजट महिलाओं के भी हित में है। महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तीकरण के लिए भी सरकार ने गौर किया है। नौकरीपेशा महिलाओं के लिए भी सरकार प्रसव अवकाश बढ़ाया है। इससे कई तरह की दिक्कतों से बचा जा सकता है।
-पूनम रस्तोगी, व्यापारी
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महंगाई ने पहले ही कमर तोड़ दी है। उम्मीद थी कि इस बजट से राहत मिलेगी। लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ। घरेलू चीजें पहले की तरह महंगी ही है। सरकार को महंगाई पर भी अंकुश लगाने की दिशा में कदम उठाने चाहिए थे।
-शिल्पी पाठक, गृहणी
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बजट मध्यम वर्ग के लिए हितकर है। अधिकतर आबादी मध्यम वर्ग की है। ऐसे में ये बजट उन्हें राहत देने वाला है। सरकार ने बजट में कई ऐसे बिंदुओं को भी शामिल किया है। जिन पर पहले कभी गौर नहीं किया गया था।
-प्रेमवती मौर्य, एडवोकेट
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कई वर्ष से सरकारी कर्मचारी इनकम टैक्स की स्लैब बढ़ाने की मांग कर रहे थे। अब सरकार ने इस बजट में पांच लाख आयकर छूट की है। इससे मध्यम वर्ग को काफी हद तक लाभ मिलेगा। सरकार ये कदम पहले उठाती तो ज्यादा अच्छा रहता।
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-गीता सिंह, शिक्षक
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किसानों की प्रतिक्रिया
इस बजट से किसानों के लिए कोई राहत नहीं है। क्योंकि ये चुनावी बजट है, अगर सरकार को किसानों के हित में कुछ करना था तो इतना समय क्यों लिया।
-जयवीर सिंह


किसानों के लिए सालाना छह हजार रुपये पहले कभी किसी सरकार में नहीं दिए गए। ये पहली सरकार है जिसने किसानों के हित में काम किया।
-राम शर्मा, किसान
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