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पार्किंग शुल्क वसूली पर हंगामा, ड्राइवरों से की मारपीट

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फोटो- 04 बीडीएनयूजेएचपीएच-01
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पार्किंग शुल्क की वसूली पर
हंगामा, ड्राइवरों से मारपीट
प्राइवेट बस स्टैंड के पास सोमवार दोपहर का मामला
गुस्साए ड्राइवरों का कोतवाली में प्रदर्शन, कार्रवाई को सौंपी तहरीर
ठेकेदार के कारिंदों ने दिव्यांग व्यक्ति को भी नहीं बख्शा
उझानी (बदायूं)।
प्राइवेट बस स्टैंड के पास खड़ी कारों से पार्किंग शुल्क की वसूली पर हंगामा खड़ा हो गया। कार चालकों ने विरोध किया तो ठेकेदार और उसके कारिंदों ने मारपीट की। दिव्यांग व्यक्ति को भी नहीं बख्शा गया। मारपीट से गुस्साए ड्राइवरों ने मौके पर ही प्रदर्शन किया। बाद में सभी ड्राइवर इकट्ठे होकर कोतवाली पहुंच गए। उन्होंने पुलिस को भी उत्पीड़न की दास्तां सुनाई। साथ ही कार्रवाई के लिए पुलिस को तहरीर भी सौंप दी।
पार्किंग शुल्क वसूली को लेकर मारपीट का मामला सोमवार पूर्वाह्न का है। बुकिंग पर निजी कार चलाने वाले ड्राइवरों ने बताया कि सुबह ठेकेदार समेत उसके कारिंदे प्राइवेट बस स्टैंड के पास पहुंचे। उन्होंने प्रति वाहन 50 रुपये की डिमांड की। ड्राइवरों ने यह कहते हुए शुल्क देने से इंकार कर दिया कि ठेका होने के बाद एक अप्रैल से वसूली शुरू हो गई थी लेकिन तीसरे महीने बाद वसूली की नौबत क्यों आई है। इसी बात पर भड़के ठेकेदार के कारिंदों ने पहले तो गाली गलौज की फिर वे मारपीट करने लगे। ड्राइवरों में दिव्यांग खलील अहमद, यूसुफ, उमेश, सतीश कुमार और सत्येंद्र पिटाई की चपेट में आ गए। मारपीट से गुस्साए ड्राइवरों के हंगामा करने से काफी देर तक अफरातफरी का माहौल बना रहा।
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बाद में ड्राइवर भी मौके पर ही कारों को खड़ी करके प्रदर्शन करते हुए कोतवाली पहुंच गए। उन्होंने प्रभारी कोतवाल जितेंद्र सिंह को घटना से अवगत कराया। बताया कि पार्किंग शुल्क नहीं देने पर ठेकेदार के कारिंदों ने उन्हें धमकी भी दी है। ड्राइवरों में अयोध्यागंज मोहल्ले के यूसुफ की ओर से पुलिस को तहरीर भी सौंप दी गई। प्रभारी कोतवाल ने ठेकेदार के कारिंदों को कोतवाली बुलाकर बात भी की लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। प्रभारी कोतवाल ने ड्राइवरों को जांच के बाद कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है। प्रदर्शनकारियों में ड्राइवर सोमेंद्र, आकाश, गौरव प्रताप, जुगेंद्र, भागसेन, आजाद और मयूर भी शामिल थे।
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दो बार दर्ज हो चुकी है अवैध वसूली की रिपोर्ट
उझानी। पार्किंग शुल्क वसूली को लेकर तीन महीने में मारपीट के पांच-छह मामले सामने आए हैं। पिछले महीने सहसवान निवासी कार मालिक की ठेकेदार के कारिंदों ने पिटाई की थी। शिकायत डीएम के पास पहुंची तो पुलिस ने मारपीट में नामजद रिपोर्ट दर्ज कर ली। इससे पहले भी एक बार रिपोर्ट लिखी गई लेकिन अवैध वसूली पर अंकुश नहीं लग पाया। सबसे ज्यादा दिक्कत तो ऐसे वाहन चालकों को होती है जो नगर में लोडिंग-अनलोडिंग भी नहीं करते लेकिन रास्ते में रोक कर पार्किंग शुल्क वसूल कर लिया जाता है।
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वर्जन
पार्किंग शुल्क को लेकर कई ड्राइवर पालिका कार्यालय भी आए थे। ब्लॉक कार्यालय के पास सड़क किनारे को अस्थायी पार्किंग स्थल का नाम दे दिया गया है। वह बुकिंग पर जाते हैं तो उन्हें पार्किंग शुल्क देना होगा। ठेकेदार और उसके कारिंदों को नगर लोडिंग और अनलोडिंग नहीं करने वाले वाहन चालकों से शुल्क नहीं वसूल करना चाहिए। यह गलत है।
-राजेश कुमार बिंद, कर निरीक्षक
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