कलक्ट्रेट में गुरुवार को शराब की दुकानों का लाइसेंस जारी करने को ऑनलाइन लाटरी निकाली जानी थी। प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी रखने के लिए शासन के दूत बनकर नोडल अधिकारी शुभ्रा सक्सेना बुधवार की रात ही बदायूं पहुंच गई थीं। मगर वेबसाइट ठप होने की वजह से 356 दुुकानों की लॉटरी प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी।
जिले में 253 देशी शराब की दुकानों, 59 अंग्रेजी शराब की दुकानों, 44 बीयर की दुकानों और दो मॉडल शॉप हैं। इनमें देशी शराब की 253 दुकानों के लिए 1074 आवेदन आए। इनमें 30 आवेदन निरस्त हो गए। अंग्रेजी शराब की 59 दुकानों के लिए 685 लोगों ने आवेदन किया, जिनमें 15 निरस्त हुए। बीयर की 44 दुकानों के लिए 278 लोगों ने आवेदन किया, जिनमें चार आवेदन में कमी पाए जाने पर निरस्त हो गए।
वेबसाइट खुलने के इंतजार में दिनभर बैठे रहे अधिकारी
शराब की दुकानों के लिए लॉटरी प्रकियां जिले की नोडल अधिकारी और ऊर्जा सचिव शुभ्रा सक्सेना के निगरानी में होना है। गुरुवार को वेबसाइट चलने के इंतजार में नोडल अधिकारी, डीएम दिनेेश कुमार सिंह, एसएसपी चंद्र प्रकाश, मेरठ के सहायक आबकारी आयुक्त जितेंद्र सिंह और एनआईसी के अधिकारी राजेेश शर्मा दिन भर बैठे रहे।
70 दुकानों के लिए नहीं आए आवेदन
जिले में शराब की 70 दुकान ऐसी है, जिनके लिए किसी भी व्यक्ति ने आवेदन नहीं किया। इसमें शहर के रेलवे स्टेेशन रोड, रोडवेज बस स्टैंड के, लोटनपुरा, नेकपुर, मीरा सराय समेत ककराला की तीन दुकान, उसावां की दो, कमा, नौली फतुआबाद, सैजनी, हरौरा, रुपापुर, सिसाईया, परा, पलियागुजर, घोरेरा, आजमपुर आदि शामिल हैं।
दिनभर जमा रहा हुजूम
आवेदनकर्ता और उनके साथियों के बैठने को एडीएम वित्त एवं राजस्व कार्यालय के सामने पंडाल लगाया गया था। उसके सामने एक एलईडी लगाई गई, जिस पर ऑनलाइन लॉटरी सिस्टम से दुकानों की नीलामी होते देखी जा सके। पंडाल में दिनभर लोगों की भीड़ जमा रही।
सुरक्षा में तैनात रही पुलिस
कलक्ट्रेट परिसर में भीड़ को देखते हुए पूरे दिन पुलिस फोर्स तैनात रही। कलक्ट्रेट गेट से जिला पंचायत कार्यालय के पास के आवास पर पुलिस मौजूद रही।