पालिका का दावा: शहर में गाड़ियां लगातार उठा रहीं कूड़ा
अमर उजाला ब्यूरो
बदायूं। नगर पालिका की ओर से शुरू हुई डोर टू डोर कूड़ा उठाने की योजना शहर में अभी प्रभावी ढंग से नहीं चल रही है। क्योंकि समय से कूड़ा उठाने वाली गाड़ियां मोहल्लों में नहीं पहुंच रही हैं। इस वजह से लोग घरों के पास खाली पड़े प्लाटों में कूड़ा फेंक जाते हैं, या फिर निजी सफाई कर्मचारियों को रख रखा है। जिन्हें महीने के 40-50 रुपये देने पड़ते हैं। दूसरी ओर खाली पड़े प्लाटों से भी कूड़ों के ढेर समय से नहीं उठ पा रहा है।
इस योजना में यहां लगभग 19 ट्रैक्टर ट्रॉली और 20 रिक्शा लगाए गए हैं। यह और बात है कि कूड़ा उठाने की स्थिति पहले से खराब हो गई है। पालिका प्रशासन हर रोज करीब सवा 30 टन कूड़ा उठाने का दावा करता है। बावजूद इसके कई कॉलोनियों में कूड़ा उठाने वाली गाड़ियां नहीं पहुंच पा रही हैं। मजबूरन लोग खाली प्लाट में कूड़ा डाल रहे हैं।
नहीं हो रही कूड़े की छंटनी
शुरू से ही कूड़े को अलग करने की योजना फाइलों में चल रही है। लेकिन अभी घरातल पर कचरे की छंटनी नहीं हो रही। जैविक एवं अजैविक कूड़े को अलग-अलग करने की बात अधिकारी कर रहे हैं, लेकिन इस दिशा में अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं।
डस्टबिन भी नहीं हो रहे खाली
शहर में विभिन्न जगह रखे गए डस्टबिन के आसपास भी गंदगी पड़ी रहती है। इन डस्टबिन की न तो नियमित सफाई होती है, न ही इन्हें समय पर खाली किया जाता है। यहां तक इनके आसपास इतनी अधिक बदबू होती है कि लोगों का नाक पर रुमाल रखे बिना रोड से निकलना दूभर है।
धार्मिक स्थल के आसपास भी गंदगी
नगर पालिका सफाई कार्य के प्रति बहुत लापरवाह हैं। यही कारण हैं कि धार्मिक स्थल के आसपास भी गंदगी का साम्राज्य फैला हुआ है। इसके चलते कूड़ा सड़कों पर आ जाता है।
बेहतर व्यवस्था करने की दिशा में प्रयास जारी
डोर टू डोर योजना को बेहतर करने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। वाहनों की संख्या भी बढ़ाई जा रही है, कई जगह सुबह-शाम दोनों समय कूड़ा उठाने के लिए वाहन भेजे जा रहे हैं। आने वाले समय में योजना ओर भी बेहतर होगी।
-दीपमाला गोयल, चेयरमैन, नगर पालिका