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नि:शुल्क पैथोलोजी टेस्ट पर ब्रेक! लखनऊ में होगा फैसला

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जुखाला में रक्तदान शिविर आयोजित - फोटो : अमर उजाला ब्यूराे
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उझानी (बदायूं)। करीब छह महीने पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर शुरू की गई महंगी जांचों की नि:शुल्क सुविधा पर आठ दिन पहले ब्रेक लग गया है। कृष्णा डॉयग्नोस्टिक्स नामक कंपनी को स्वास्थ्य विभाग की ओर से पैथोलोजी जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई थी, लेकिन कंपनी से जुड़ी बुलंदशहर की प्रयोगशाला ने अब सैंपल मंगाने बंद कर दिए हैं। कारण जानने के लिए स्थानीय स्तर से बुलंदशहर की प्रयोगाशाला इंचार्ज से संपर्क साधा गया तो बताया गया कि 22 दिसंबर को लखनऊ में इसे लेकर कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर और स्वास्थ्य विभाग के अफसरों के बीच बैठक होगी। इसके बाद ही पता लगेगा कि नि:शुल्क पैथोलोजी टेस्ट की सुविधा बरकरार रहेगी या फिर बंद हो जाएगी।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर मरीजों की गंभीर बीमारियों का पता लगाकर उन्हें बेहतर चिकित्सकीय सुविधा मुहैया कराने के लिए सेहत महकमे ने नि:शुल्क पैथोलोजी टेस्ट की सुविधा शुरू कर उसमें क्लीनिकल पैथोलोजी, बायो कैमिस्ट्री और यूरिन से जुड़े 23 टेस्ट शामिल किए थे।
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सेहत महकमे ने पैथोलोजी टेस्ट करने की जिम्मेदारी निजी कंपनी कृष्णा डॉयग्नोस्टिक्स को सौंपी थी। कंपनी की एक यूनिट बुलंदशहर में है। बदायूं जिले के सीएचसी पर लिए जाने वाले सैंपल भी कंपनी के कर्मचारी संबंधित स्थानों पर पहुंचकर ले जाते थे। टेस्ट रिपोर्ट भी सीएचसी पर ही मुहैया कराई जाती रही लेकिन आठ दिन पहले बुलंदशहर से स्थानीय लैब असिस्टेंट को बताया गया कि फिलहाल मरीजों के सैंपल लेने बंद कर दिए जाएं। सीएचसी पर तैनात लैब असिस्टेंट सौरभ सक्सेना ने बताया कि कृष्णा डॉयग्नोस्टिक्स ने सैंपल लेने से क्यों इंकार किया है, इसका पता 22 दिसंबर के बाद ही लगेगा। 22 दिसंबर को लखनऊ में कृष्णा डॉयग्नोस्टिक्स के मैनेजिंग डायेक्टर और स्वास्थ्य विभाग के अफसरों के बीच बातचीत होनी है। नि:शुल्क पैथोलोजी सुविधा जारी रहेगी या फिर बंद हो जाएगी, यह भी उसी दिन साफ होगा।
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नि:शुल्क पैथोलोजी सुविधा के बारे में यह तो पता लगा है कि बुलंदशहर से कृष्णा डॉयग्नोस्टिक्स के कर्मचारी सैंपल लेने के लिए नहीं आ रहे हैं। आठ दिन से मरीजों के सैंपल लेने भी बंद कर दिए गए हैं। यह बात विभागीय अफसरों को भी बता दी गई है।
- डॉ. निरंजन सिंह, चिकित्साधीक्षक
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