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कोहरे में टेंपो ट्रक में घुसा, पीएसी जवान की मौत

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पोस्टमार्टम हाउस पर बैठे मृतक के पिता। - फोटो : अमर उजाला
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बदायूं। ककाला कस्बे से शहर को रवाना हुआ टेंपो रास्ते में बैक हो रहे ट्रक से टकराकर खाई में पलट गया। इससे टेंपो में सवार पीएसी जवान की मौत हो गई। टेंपों में बैठीं ककराला कस्बे की चार महिलाएं और एक किशोरी भी घायल हो गए। इन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
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शहर के इस्लामिया इंटर कॉलेज में 27 वीं वाहिनी सीतापुर पीएसी की एक कंपनी ने अपना कैंप बना रखा है। इसका डेढ़ सेक्शन संवेदनशील ककराला कस्बे की चौकी पर रहता है। इसी टुकड़ी का सिपाही जीबी नगर के जेवर थाना अंतर्गत खाजपुर गांव निवासी अमित कुमार (29) ककराला से इस्लामिया कैंप में आने को मंगलवार सुबह सात बजे टेंपो में सवार हुआ। कस्बे के वार्ड नंबर 14 निवासी शाबिस्ता बेगम (37) पत्नी जफरयाब, नूरशमा (23) पत्नी मुशब्बर अली, नूरबानो (45) पत्नी इकबाल खां, नूरबानो की बेटी हसनम (15) और आसमां (25) पत्नी फहीम भी बदायूं आने को बैठी थीं। इन्हें लेकर टेंपो चला तो घना कोहरा छाया था। बस्ती से निकलते ही रोड पर कोहरा और घना हो गया। बताते हैं कि शादीपुर गांव के पास एक कोयले भरा ट्रक सड़क पर बैक हो रहा था। अनियंत्रित टेंपो पीछे से जाकर उसमें घुस गया। इसके बाद वह पलट गया। इससे मुसाफिर टेंपो के नीचे दब गए। मुसाफिरों में हाहाकार मच गया। आगे की सीट पर बैठा जवान अमित भी टेंपो के नीचे आ गया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इसके साथ ही बाकी मुसाफिर भी घायल हो गए।
हायतौबा मची तो स्थानीय लोगों ने एंबुलेंस और पुलिस को कॉल कर दी। इसके बाद एंबुलेंस मौके पर पहुंच गई और घायलों को जिला अस्पताल ले आई। कुछ घायल मरहम पट्टी कराकर चले गए तो कुछ भर्ती हो गए। अमित के शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम कराया गया। इसके बाद परिवारवाले शव साथ ले गए।
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सीआरपीएफ से रिटायर पिता के छलके आंसू
अमित की मौत की खबर सुनते ही उनके पिता गौरीशंकर और परिवार के लोग बदहवास से गौतमबुद्ध नगर से बदायूं पहुंचे। बिलखते हुए गौरीशंकर ने बताया कि वह खुद सीआरपीएफ से रिटायर हैं। तीन बेटों में अमित बीच का था और शादी को उसके रिश्ते आ रहे थे। बताया कि अमित वर्ष 2015 में पीएसी में भर्ती हुआ था और एक साल से 27 वीं वाहिनी में नौकरी कर रहा था। आठ वीं बटालियन बरेली से डिप्टी कमांडेंट राघवेंद्र चतुर्वेदी, सूबेदार मेजर हरपाल सिंह के साथ ही 27 वीं बटालियन से इंस्पेक्टर इकरामुद्दीन यहां पीड़ितों को सांत्वना देने आए।
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