बदायूं। निजी सुरक्षा गार्ड दिलाने वाली कंपनियों की भरमार ने पीआरडी जवानों की रोजी रोटी पर संकट खड़ा किया है। अब अर्द्ध सरकारी विभाग, निजी उपक्रम पीआरडी जवानों की बजाय निजी सुरक्षा गार्ड रखना ज्यादा पसंद करते हैं। ऐसे में पीआरडी जवानों को ड्यूटी मिलना मुश्किल हो गया है।
प्रांतीय रक्षक दल, विकास दल एवं युवा कल्याण विभाग के पास में महिलाओं समेत 462 जवान हैं, लेकिन इनके ऊपर रोजी रोटी का संकट बना हुआ है। यह लोग मेहनत मजदूरी कर अपने परिवार का पालन कर रहे हैं। वहीं कुछ जवानों ने अन्य जिलों की ओर रुख कर दिया है, क्योंकि प्राइवेट कंपनियां जो पहले पीआरडी जवानों को लेती थीं। उन्होंने इनको लेना बंद कर दिया है। अब प्राइवेट कंपनियों ने अन्य गार्ड कंपनियों से टाइअप कर उनके जवानों को नौकरी देने का काम किया है। अभी आईआईटी, जीआईटी और यूपी एग्रो में मात्र 20 पीआरडी जवान तैनात है।
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पहले इन जगहों पर लगती थी ड्यूटी
जिला सहकारी बैंक, द किसान सहकारी चीनी मिल शेखूपुर, एफसीआई, पीसीएफ, मंडी समितियों समेत कई जगहों पर पहले ड्यूटी लगाई जाती थी ।
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अब तक जहां से मांग आई है। उन जगहों पर पीआरडी के जवानों को भेज दिया है। पहले चीनी मिल, मंडियों, एफसीआई गोदाम आदि से मांग आती थी, लेकिन इस बार नहीं आई है।
-गोपाल राम, जिला युवा कल्याण अधिकारी