बदायूं। शहर की पॉश कॉलोनियों में शुमार आवास विकास कॉलोनी इन दिनों साक्षात नरक बनी हुई है। दो विभागों के बीच चल रहे शीतयुद्ध ने कॉलोनी का ऐसा हाल किया है। आवास विकास परिषद इसे नगर पालिका क्षेत्र में आना बताकर पालिका को हैंडओवर करने का दावा कर रहा है तो पालिका इससे साफ इंकार कर रही है।
साफ सड़कों के लिए पहचानी जाने वाली आवास विकास की ए, बी और सी कॉलोनियां शहर की शान थीं। आवास विकास परिषद की स्थानीय इकाई कॉलोनी वासियों को पेयजल, सफाई और पथप्रकाश व्यवस्था मुहैया करा रही थी। इस बीच कुछ माह पहले नगर पालिका क्षेत्र के विस्तारीकरण की प्रक्रिया शुरू हुई। आवास विकास परिषद के अधिकारियों की माने तो उच्चाधिकारियों से मिले आदेश के अनुक्रम में उन्होंने 28 अगस्त को नगर पालिका के ईओ को कॉलोनी हैंडओवर कर दी। संबंधित रिकार्ड भी उन्हें सौंप दिया। उच्चस्तरीय निर्देश पर ठेके पर लगाए गए सफाई कर्मचारी भी हटा दिए गए। चूंकि पेयजल व्यवस्था के लिए परिषद के पास रेग्यूलर स्टाफ है, इसलिए उसे नहीं हटाया गया। वह अभी भी कॉलोनी को पहले की तरह तीनों टाइम पानी सप्लाई दे रहे हैं। अगर पालिका इसकी जिम्मेदारी ले तो वह इसे हैंडओवर करने के लिए भी तैयार हैं। वहीं, पालिका की ईओ आवास विकास कॉलोनी को नगर पालिका क्षेत्र में मानने से ही इंकार कर रही हैं। उनका कहना है पालिका ने कोई कॉलोनी हैंडओवर नहीं की है तो वह उसकी सफाई की जिम्मेदारी क्यों लें। ऐसे में बेचारे नागरिक पिस रहे हैं। आवास विकास परिषद कार्यालय के पास ही कचरा बिखरा पड़ा है। इसके साथ ही पूरी कॉलोनी में जगह-जगह रास्तों पर कूड़े के ढेर लगे हैं। चूंकि पानी की सप्लाई जारी है, इसलिए नाले नालियां चोक हो गए हैं। लोग नाक सिकोड़ते हुए रास्तों से गुजर रहे हैं।
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चेयरमैन आवास रोड पर हुई सफाई
बदायूं। शहर की नई चेयरमैन दीपमाला गोयल का आवास भी आवास विकास कॉलोनी के बी ब्लॉक में है। उनके चेयरमैन बनने के बाद पालिका के सफाई निरीक्षक मनोज कुमार ने निजी तौर पर कुछ सफाई कर्मियों को लगाकर कॉलोनी में सोमवार को सफाई कार्य कराया। हालांकि यह काम चेयरमैन आवास रोड और आसपास के इलाके तक सीमित रहा। काम कर रहे कर्मचारियों ने साफतौर पर कहा कि नियमित रूप से उन्हें कॉलोनी की सफाई करने का निर्देश नहीं मिला है।
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क्या कहते हैं कॉलोनी के बाशिंदे
कॉलोनी में जलभराव हो गया है। लंबे समय से सफाई न होने से नालियां बंद हैं। कई बरस रहते हो गए, ऐसा हाल हमने यहां पहली बार देखा है।
- मुन्ना सिंह
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परिवार के पुरुष तो काम पर चले जाते हैं। गंदगी और जलभराव की समस्या से महिलाओं को ही रूबरू होना पड़ता है। घर के पुरुषों से कूड़ा दूर फिंकवाना पड़ रहा है।
- पूनम सिंह, गृहणी
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सड़कों पर कचरा फैला हुआ है। कहीं बंदर तो कहीं कुत्ते कचरे के ढेर पर मंडराते रहते हैं। इनसे निकलने वालों को भी खतरा बना है।
- राधा रानी द्विवेदी
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आवास विकास परिषद के सफाईकर्मी नियमित आकर सफाई करते थे। जब से वह गए हैं कोई सफाई करने नहीं आया। कूड़ेदान भी कूड़े से ओवर हो गए हैं।
- मंजू शर्मा, एलआईसी अभिकर्ता
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हमारी साफ सुधरी कॉलोनी को किसी की नजर लग गई है। शायद तभी पूरी कॉलोनी में गंदगी फैली है और बदबू से रास्ता निकलना मुश्किल है। उम्मीद है शायद नई चेयरमैन कुछ करें।
- माया देवी
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बताया जा रहा कि हम शहरी हो गए हैं और अब हमारी कॉलोनी की सुविधाएं बढ़ जाएंगी। पर अगर शहरी होने की कीमत इस तरह चुकानी पड़े तो हमें ऐसा तमगा नहीं चाहिए।
- भारती मिश्रा
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हमने पालिका को कॉलोनी से संबंधित सारा रिकार्ड ट्रांसफर कर दिया है। अब कॉलोनी की साफ सफाई उन्हीं की जिम्मेदारी है। वह इसे ऐसे नहीं टाल सकते।
- प्रकाश चंद्र, सहायक अभियंता आवास विकास परिषद
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पालिका ने आवास विकास कॉलोनी को हैंडओवर नहीं लिया है। एक बार कोई जल्दबाजी में कुछ रिकार्ड दे गया था, उसे तत्काल वापस कर दिया गया। पालिका के विस्तारीकरण में अभी वह कॉलोनी नहीं आई है।
- निशा मिश्रा, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका