गांव पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम को घेरा
ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ प्रदर्शन कर नारेबाजी की। बाद में प्रभारी चिकित्साधिकारी ने गांव पहुंच कर ग्रामीणों को समझा-बुझाकर दवा लेने को कहा, मगर ग्रामीणों का कहना था कि पहले गांव में बुखार फैलने के कारणों की जांच कराई जाए।फतनपुर टप्पा हवेली गांव को गंदगी की वजह से बुखार ने जकड़ लिया है। अब तक बुखार से दो लोगों की मौत हो चुकी है। गांव में 200 से ज्यादा लोग बुखार की गिरफ्त में है। शनिवार को हालत बिगडने पर शकुंतला पत्नी रिषीपाल, ऊषा पत्नी प्रमोद, संजीव पुत्र मुन्नालाल, विजेंद्र पुत्र अतरसिंह, प्रवेश पुत्री रामेश्वर, अनिल पुत्र भूरे सिंह, माया पत्नी हेमराज, शारदा पत्नी वीरसिंह, मुनीशा पत्नी चरनसिंह, रामवती पत्नी शेर सिंह को हालत बिगड़ने पर बरेली ले जाया गया। वहां जांच में इन सभी को डेंगू की पुष्टि हुई है।
इधर शनिवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव पहुंची तो ग्रामीणों ने टीम का घेराव कर लिया। स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ नारेबाजी की। बाद में प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. गोविंद स्वर्णकार को ग्रामीणों ने एक ज्ञापन दिया। ज्ञापन भेजने वालों में ग्राम प्रधान प्रेमपाल, कालीचरन, देवकरन, अमरसिंह, रामबाबू, शंकरलाल, पप्पू, करनसिंह, सोहनपाल,जीवाराम आदि शामिल हैं।