उत्तर प्रदेश में बीटीसी करने के बाद शिक्षक बनने वालों के लिए अच्छी खबर है। बीटीसी कोर्स करने के लिए अब प्रदेश में 25 हजार से अधिक सीटें होंगी। राज्य सरकार इस साल 195 और नए कॉलेजों को संबद्धता देने जा रही है। इन कॉलेजों में 9750 सीटें होंगी। राज्य स्तरीय समिति ने इन निजी कॉलेजों को संबद्धता देने की संस्तुति कर दी है।
बैठक में कुल 360 कॉलेजों के प्रस्ताव रखे गए थे, लेकिन इसके अलावा कॉलेजों के सभी कागजात पूर्ण नहीं पाए गए हैं। कॉलेज प्रबंधन से शीघ्र ही दस्तावेज पूर्ण करने को कहा गया है, ताकि अगली बैठक में पुन: प्रस्ताव रखे जा सकें। प्रत्येक निजी कॉलेज में बीटीसी की 50-50 सीटें होंगी।
उत्तर प्रदेश में बेसिक शिक्षा परिषद के प्राइमरी स्कूलों में शिक्षक बनने की योग्यता स्नातक व बीटीसी है। प्रदेश में सरकारी कॉलेजों यानी जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) में 10,400 सीटें हैं। इसके अलावा 110 निजी कॉलेजों को पूर्व में राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) संबद्धता दे चुका है।
राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद से इस वर्ष 360 नए कॉलेजों को मान्यता मिली है। इन कॉलेजों ने एससीईआरटी से संबद्धता के लिए आवेदन किया था। डायट प्राचार्यों से स्थलीय जांच कराने के बाद कॉलेजों को संबद्धता देने का प्रस्ताव राज्य स्तरीय समिति के समक्ष रखा गया।
एससीईआरटी में लगातार चार दिनों तक चली बैठक के बाद करीब 195 कॉलेजों को संबद्धता देने के लिए पात्र पाया गया है। अन्य कॉलेजों के दस्तावेज पूरे न होने की वजह से इन्हें बाद में संबद्धता देने का प्रस्ताव रखा जाएगा।