जिस खेत पर यूपी के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की ममेरी बहन के पति सौरभ यादव के दावा कर रहे थे, उस पर खड़ी फसल विरोधी पक्ष ने काटने की कोशिश की तो नतीजा खूनी संघर्ष के रूप में सामने आया।
हालांकि वह इनकार कर रहे हैं लेकिन दूसरे पक्ष का आरोप है कि उन पर गोलियां गनर ही नहीं खुद सौरभ ने भी चलाई।
गोलीबारी में इस पक्ष के तीन लोग और गनर घायल हुआ। पुलिस ने गाड़ी, गनर की कारबाइन के साथ सौरभ को हिरासत में ले लिया है। घायल अस्पताल में हैं।
क्या है मामला?
जिस 15 बीघा जमीन को लेकर विवाद है वह थाना पिलुआ क्षेत्र के गांव गुलाबपुर में है। बताते हैं, ग्राम पंचायत कुरामई के प्रधान सौरभ यादव ने इसे खरीद लिया है। कादरपुर निवासी सौरभ प्रधान संघ कासगंज के जिलाध्यक्ष भी हैं। इस जमीन पर दावा दूसरे पक्ष के दिनेश यादव का भी है। सौरभ ने रोकने को अपील की थी लेकिन सोमवार को अपर एसडीएम एएम अंसारी की कोर्ट ने दिनेश को फसल काटने की अनुमति दे दी।
दिनेश व उनके लोग मंगलवार शाम लगभग चार बजे गेहूं काट ही रहे थे कि सौरभ अपने गनर रवि व अन्य लोगों के साथ पहुंचे। फसल काटने से रोका तो विवाद होने लगा। दिनेश पक्ष का आरोप है कि सौरभ व उनके गनर रवि ने अचानक ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। दिनेश व ध्रुव के पेट तथा सुल्तान के सिर में गोली लगी है। बीचबचाव को आए राजकुमार को भी पीटा गया। कटी फसल में आग लगा दी गई।
इससे प्रधान के खिलाफ कार्रवाई की मांग लेकर गांववालों ने जीटी रोड जाम कर दिया। कानपुर-दिल्ली मार्ग ठप हो गया। सूचना पर पुलिस-प्रशासन के अफसर फोर्स के साथ पहुंचे। साढ़े तीन घंटे बाद अफसरों के आश्वासन पर जाम खुला।
खूनी संघर्ष की जांच जारी
प्रधान सौरभ यादव का कहना है कि वह खेत देखने गए थे। तभी दिनेश ने 50-60 लोगों के साथ हमला बोल दिया और फायरिंग भी की। एक गोली उनके गनर के पैर में लगी।
ग्रामीणों ने बताया कि यशवीर व बलवंत दो सगे भाई हैं। बलवंत ने अपने हिस्से की जमीन बेटियों कमला व कुसमा देवी और दिनेश के नाम कर दी थी। बाद में कमला और कुसमा ने जमीन को गांव नावली के एक व्यक्ति के नाम की। उसने जमीन सौरभ यादव को बेच दी। इसी का विवाद कोर्ट में है।
एटा के एसएसपी अमित पाठक ने बताया कि जमीन के विवाद के चलते दोनों पक्षों में संघर्ष हुआ। एक पक्ष से तीन लोगों को गोली लगी है। दूसरे पक्ष के सिपाही को गोली लगी है। जांच जारी है।