लोकसभा चुनाव के लिए बहुजन समाज पार्टी की पहली सूची जारी करने के बाद मायावती ने हाथी को दिल्ली की गद्दी पर पहुंचाने का ऐलान कर दिया है।
भाजपा द्वारा नरेंद्र मोदी को पीएम के रूप में उभारने पर यूपी में मोदी फैक्टर के असर से जुड़े सवाल पर मायावती ने कहा कि मोदी फैक्टर का उन्हें कोई असर नहीं नजर आ रहा।
उन्होंने यह भी कहा कि मैं कोई ज्योतिषि नहीं हूं, इसलिए यह नहीं बता सकती कि बसपा आगामी लोकसभा चुनाव में कितनी सीटें जीतेगी, लेकिन मेरी पार्टी महसूस करती है कि चुनाव के नतीजे अच्छे और चौंकाने वाले होंगे।
मायावती ने पिछले विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस और भाजपा पर ब्राह्मणों को गुमराह कर बसपा से दूर करने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि दलित-ब्राह्मण भाईचारे से अपनी जमीन खिसकती देख इन दोनों दलों ने अपर कास्ट खासकर ब्राह्मणों को रोकने के लिए अपने दुश्मन नंबर एक दल सपा की मदद की।
बसपा इस समाज को अपने साथ जोड़ने के लिए फिर से प्रयास शुरू करेगी। 2012 की भूल को छोड़कर दोनों समाज को एक होने की जरूरत है।
अब ये गुमराह न हों इसलिए आगामी दिनों में कार्यक्रम तय किए गए हैं। इसकी कमान राष्ट्रीय महासचिव एससी मिश्रा के हाथों में होगी।
इस मौके पर राष्ट्रीय महासचिव सतीशचंद्र मिश्र, सांसद बृजेश पाठक और पूर्व मंत्री अनंत कुमार मिश्र अंटू उपस्थित रहे।