बिजनौर में विद्युत कार्यालय पर धरने पर बैठे विद्युत कर्मचारी।
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बिजनौर। विद्युत निगम के निजीकरण के विरोध में कर्मचारी तथा अभियंताओं ने दूसरे दिन भी कार्य बहिष्कार किया। आंदोलनकारियों ने सरकार पर कर्मचारी विरोधी होने का भी आरोप लगाया। उनका कहना था कि विद्युत निगम का निजीकरण होने से उपभोक्ता को अधिक पैसा वहन करना होगा।
विद्युत कर्मचारी संघर्ष समिति के बैनर तले बिजली कर्मचारी व इंजीनियर 29 सितंबर से अपराह्न दो बजे से शाम बजे तक तीन घंटे के कार्य बहिष्कार पर हैं। दूसरे दिन भी कर्मचारियों ने कार्य बहिष्कार कर अधिशासी अभियंता कार्यालय के सामने के परिसर में धरना दिया। उन्होंने कहा कि सरकार के पास विचाराधीन पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम को तीन हिस्सों मे विभाजित कर निजीकरण का प्रस्ताव तुरंत वापस लिया जाए। संयोजक पंकज शर्मा ने बताया कि चार अक्टूबर तक रोजाना तीन घंटे का कार्य बहिष्कार रहेगा। धरने में सीपी सिंह अधीक्षण अभियंता, अनिल कुमार पांडेय, राहुल गौतम, मनोज शर्मा, राजपाल सिंह, विकास कुमार, अरविंद कुमार, जसबीर सिंह, अफजल अहमद, कुंवर शर्मा, राजन सिंह, संजीत गुप्ता आदि शामिल रहे।