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Bijnor News: जीएसटी चोरी कर रहीं लकड़ी फर्में, जमा कराया 20 लाख रुपये टैक्स

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बिजनौर का जीएसटी कार्यालय।
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- जीएसटी विभाग की टीम ने नवंबर तक की 17 फर्मों की जांच
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- जांच में नौ कार्यरत और आठ फर्में निकलीं अस्तित्वहीन
- अस्तित्वहीन फर्मों ने उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा राज्य की लकड़ी की सप्लाई
- सचल दल यूनिट भी लकड़ी वाहनों पर कर रही कार्रवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। जीएसटी विभाग की ओर से टैक्स चोरी करने वालों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। जिले में चल रही लकड़ी फर्में भी जीएसटी चोरी कर रहीं हैं। टैक्स चोरी कर लगाम कसने के लिए सत्र 2023-24 में जीएसटी की एसआईबी शाखा ने 17 लकड़ी फर्मों की जांच की। इनमें से नौ फर्म कार्यरत मिलीं। जिनमें से 20 लाख 49 हजार रुपये टैक्स जमा कराया गया।

जिले में पापुलर और यूकेलिप्टस की लकड़ी का उत्पादन अधिक मात्रा में होता है। छोटे ठेकेदार, किसान से लकड़ी लेकर बड़े ठेकेदार जिले और दूसरे राज्यों की प्लाईवुड फैक्टरी को देते हें। मगर बड़े ठेकेदार जीएसटी जमा नहीं कर रहे हैं। जिसको लेकर सत्र 2023-24 में नवंबर माह तक कार्यरत नौ फर्मों से कर जमा करा लिया। जबकि अस्तित्वहीन फर्मों की 36 लाख 69 हजार रुपये आईटीसी ब्लॉक की जा चुकी है।
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ये अस्तित्वहीन फर्में उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और हरियाणा राज्य में लकड़ी की सप्लाई कर रहीं थीं। इसके अलावा 668 लाख 57 हजार रुपये की आईटीसी वापस करने के लिए संबंधित अधिकारियों को पत्र भेजा गया है। यह आईटीसी उन व्यापारियों से ली जाएगी, जिन्होंने अस्तित्वहीन फर्मों से लकड़ी ली है।
- सचल दल की टीम ने लकड़ी के 67 वाहनों से जमा कराया टैक्स
जीएसटी विभाग में एक सचल दल यूनिट है। बिजनौर में तीन सचल दल यूनिट काम कर रही हैं। सत्र 2023-24 में चेकिंग के दौरान टीम ने लकड़ी से संबंधित 67 वाहनों को दोषी पाया। जिसके बाद जीएसटी अधिनियम की धाराओं के तहत कार्रवाई करते हुए उनसे 45 लाख 61 हजार रुपये टैक्स जमा कराया गया।
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- वर्जन : जिले में काफी समय से टैक्स चोरी करने वाली लकड़ी फर्मों की रेकी की जा रही थी। टैक्स नहीं देने की स्थिति में कार्यरत लकड़ी फर्मों की जांच कर 20 लाख से ज्यादा टैक्स जमा कराया। वहीं अस्तित्वहीन फर्मों की आईटीसी वापस पाने के लिए संबंधित अधिकारियों को पत्र भेज दिया है। - विपुल सिंघल, संयुक्त आयुक्त, एसआईबी शाखा, जीएसटी, बिजनौर
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