धामपुर में गन्ने की नर्सरी तैयारी करतीं स्वयं सहायता समूह कीं महिलाएं।
- फोटो : DHAMPUR
गन्ने की नर्सरी तैयार करने में लगी महिलाएं
धामपुर। गन्ना विभाग के अधिकारियों ने राष्ट्रीय पादप मिशन के तहत स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को आर्थिक तौर पर मजबूत करने को अभियान शुरू कर दिया है। धामपुर क्षेत्र में 10 समूहों में शामिल करीब 150 महिलाएं गन्ने की नर्सरी तैयार कर रही हैं, जिसे किसानों को बेचा जाएगा।
एससीडीआई अमित कुमार पांडेय ने बताया कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से विभाग की ओर से धामपुर क्षेत्र में कई गांवों में 150 महिलाओं गन्ना विभाग के मार्ग निर्देशन में नर्सरी की बुवाई करने में लगी है। जो नर्सरी तैयार होगी, इसे किसानों को बेच जाएगा। भारत सरकार की ओर से किसानों को प्रति हेक्टेयर नौ हजार रुपये अनुदान के रूप में देने का प्रावधान है। ऐसा विभाग की ओर से पहली बार किया जा रहा है। इन महिलाओं से जो नर्सरी तैयार कराई जा रही है इनमें को. 0118, कोशा. 8272 शामिल है। प्रयास किया जा रहा है कि किसान आगामी सत्र में तैयार नवीन नर्सरी के बीच से गन्ने की बुवाई करें।
50 क्विंटल गन्ने के बीज की बचत
अधिकारियों ने बताया कि यदि किसान सामान्य तरह से गन्ने की बुवाई करता है तो उसे प्रति हेक्टेयर क्षेत्रफल में बुवाई के लिए करीब 60-70 क्विंटल गन्ने को बीज के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। जब एकल आंख के बीज से बुवाई होगी तो प्रति हेक्टेयर केवल 15-20 क्विंटल गन्ने का ही बीज लगता है। कम से कम 50 क्विंटल गन्ने के बीज की बचत होती है।