बिजनौर। ग्रामीण अंचल की महिलाएं हनी, अचार, आंवला कैंडी, मसाले, रागी चिप्स, टोस्ट, जैकेट, आटा, तेल समेत 150 पदार्थ उत्पादित कर रही हैं। 85 स्वयं सहायता समूह की 800 से ज्यादा महिलाएं रोजगार पाकर आत्मनिर्भर बन रही।
साथ ही आय कर परिवार की आर्थिक स्थिति में अपना योगदान दे रही हैं। प्रशासन ने भी इनके उत्पादों को विदुर ब्रांड का नाम देकर बाजार के लिए आउटलेट एवं विदुर कैफे उपलब्ध करा रहा है। फरवरी 2024 से अब तक विदुर ब्रांड का कारोबार करीब 7 करोड़ रुपये हो गया है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएल ) के अंतर्गत विदुर ब्रांड को विकसित किया गया है। इसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार, महिला सशक्तिकरण और स्थानीय उत्पादों का विपणन सुनिश्चित करना है। ग्रामीण महिलाओं द्वारा तैयार किए गए उत्पादों को शहरी बाजारों तक पहुंचाने की दिशा में प्रशासन अच्छा कदम उठा रहा है।