बिजनौर में जिले की आठों विधानसभा सीटों पर मतदान के दौरान मतदाताओं में भारी उत्साह नजर आया। सुबह मतदान केंद्र खुलने से पहले ही मतदाता केंद्रों पर पहुंचने शुरू हो गए। सुबह से ही बूथों पर मतदाताओं की लंबी लाइन लग गई। सूरज चढ़ने के साथ ही वोटरों की भीड़ और मतदान प्रतिशत बढ़ता गया। गांव और शहर दोनों जगह मतदाताओं की भारी भीड़ देखी गई। वोटिंग खत्म होने तक जिले में 67.01 प्रतिशत मतदान हुआ है।
बुधवार को सुबह से ही मतदान केंद्रों पर भीड़ लग गई। सुबह के समय वोट डालने के लिए महिलाओं की संख्या ज्यादा रहीं। शहरों के मुकाबले देहात में मतदान केंद्रों पर ज्यादा भीड़ रही। दिन चढ़ने के साथ ही शहरों में भी मतदान करने वालों की भीड़ बढ़ती चली गई। दोपहर के समय थोड़ी भीड़ कम हुई, लेकिन शाम के समय एकाएक भीड़ फिर से बढ़ गई। मतदाता अपनी मतदाता पर्ची लेकर केंद्रों पर पहुंचे। जिनके पास पर्ची नहीं थी, उन्होंने केंद्रों के बाहर प्रत्याशियों के बस्तों से अपनी पर्ची बनवाई। प्रत्याशियों के समर्थक व पार्टियों के कार्यकर्ता एक-एक वोटर को घर से ले जाकर वोट डलवाने में लगे रहे। ई-रिक्शा, बाइकों से लेकर गाड़ियों में मतदाताओं को केंद्र पर ले जाकर वोट डलवाए गए। मतदाता अपने बीमार व वृद्ध परिजनों को भी लेकर केंद्रों पर पहुंचे और मतदान कराया। आखिरी दो घंटे में मतदाताओं को बूथ तक पहुंचाने में प्रत्याशियों ने कोई कसर नहीं छोड़ी। मतदाताओं ने वोट डालने के बाद केंद्रों पर जमकर सैल्फी भी ली और सोशल मीडिया पर डाली। महिलाएं अपने छोटे-छोटे बच्चों को लेकर वोट डालने गईं।
बाजार रहा बंद
मतदान के दौरान बाजार बंद रहा। हालांकि सड़कों पर काफी चहल पहल रही। लोग सड़कों पर निकलते रहे और चुनाव का आंकलन करते रहे। एक दूसरे से सभी यह मालूम करने में मशगूल रहे कि कहां कौन से प्रत्याशी का जोर चल रहा है।
सड़कें रहीं सूनी
सिविल लाइन जहां जाम से जूझती रहती थी, मतदान के दिन खाली पड़ी रही। पंजाबी कॉलोनी के सामने युवा सड़क किनारे ही क्रिकेट खेलने लगे। उन्होंने सड़क को ही अपनी पिच और मैदान बना लिया। युवाओं ने कई घंटे तक सड़क पर मैच खेला।