बिजनौर। बिजनौर के अमानगढ़ क्षेत्र को जल्द ही सेंसेटिव जोन (संवेदनशील क्षेत्र) घोषित किए जाने की उम्मीद है। इस संबंध में भारत सरकार को भेजा गया प्रस्ताव इसी माह मंजूरी पा सकता है। यह मंजूरी अमानगढ़ के विकास के लिए मील का पत्थर साबित होगी, क्योंकि इसके बनने के बाद क्षेत्र में विकास के नए द्वार खुलेंगे और कई बहुप्रतीक्षित बड़े प्रोजेक्टों को गति मिलेगी।
सेंसेटिव जोन घोषित होने का अर्थ है कि उस क्षेत्र को विशेष संरक्षण प्राप्त होगा, साथ ही वहां के पर्यावरण और वन्यजीवों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी। वहीं, दूसरी ओर, इस प्रकार के जोन अक्सर सरकारी और निजी निवेश को आकर्षित करते हैं, जिससे क्षेत्र का आर्थिक और सामाजिक विकास संभव होता है।
अमानगढ़ के मामले में, सेंसेटिव जोन बनने से न केवल प्राकृतिक संपदा का संरक्षण होगा, बल्कि पर्यटन, बुनियादी ढांचे के विकास और स्थानीय रोजगार सृजन जैसी गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। इन परियोजनाओं के शुरू होने से अमानगढ़ और आसपास के क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
डीएफओ जयसिंह कुशवाह ने बताया कि यह प्रस्ताव काफी समय से विचाराधीन था और अब भारत सरकार के स्तर पर अंतिम मंजूरी की प्रतीक्षा कर रहा है। प्रस्ताव को सभी आवश्यक अनुमतियां मिल चुकी हैं और केवल औपचारिक घोषणा बाकी है। वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि यह प्रक्रिया अपने अंतिम चरण में है और इसी माह सकारात्मक खबर की उम्मीद है।