खर्च आएगा पांच रुपये, मिलेगी सिर्फ चवन्नी
बिजनौर। कमाल! बोर्ड की हाईस्कूल तथा इंटरमीडिएट की परीक्षा फीस तो बढ़ी है परंतु विद्यालयों को फार्म भरवाने के खर्चे के लिए अभी भी चवन्नी प्रति फार्म ही मिल रहा है। जबकि विद्यालयों का कहना है कि साइबर कैफे फार्म अपलोड करने के लिए पांच रुपये प्रति फार्म लेता है। यह खर्चा विद्यालयों को अपने पास से करना पड़ता है।
यूपी बोर्ड ने हाईस्कूल की परीक्षा फीस 500 रुपए तथा इंटरमीडिएट की 650 रुपए तय की है। बोर्ड ने फीस खर्च का विवरण अलग-अलग अंकित किया है। इसमें विद्यालय के प्रधानाचार्य को फार्म ऑनलाइन अपलोड करने के लिए प्रति फार्म 25 पैसे दर्शाया गया है। प्रधानाचार्य का कहना है कि साइबर कैफे फार्म अपलोड करने के लिए पांच रुपये प्रति फार्म लेते हैं। इसमें वह नेट, कंप्यूटर तथा बिजली आदि के खर्च समेत अपनी मजदूरी जोड़ते हैं। पहले केवल अंग्रेजी में फार्म अपलोड होता था। अब हिंदी व अंग्रेजी दोनों भाषा में होते हैं। वित्तविहीन स्कूलों के प्रधानाचार्य जितेंद्र सिंह झाल, अजब सिंह पावटी बताते है कि स्कूल के आय के श्रोत सीमित हैं। माध्यमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष विनेश त्यागी बताते है कि जब ऑफलाइन फार्म भरे जाते थे तब भी खर्च के लिए 25 पैसे ही मिलते थे। बोर्ड ने फीस बढ़ा दी है, परंतु खर्च का पैसा नहीं बढ़ा है। संघ लगातार मांग कर रहा है।