विभाग की नाकामी में मारा गया वन्य जीव गुलदार
बिजनौर। वन विभाग की लापरवाही में ही वन्य जीव और इंसानों के बीच संघर्ष बढ़ता गया। इसी कारण छह इंसानों की जान चली गई और दुर्लभ जीव में शामिल गुलदार भी मारा गया। मोहंडिया में गुलदार को पकड़ने के लिए कोशिशें तो की जा रही हैं, मगर सरसरी तौर पर। गुलदार को पकड़ने के लिए प्रशासन ने अब तक केवल दो विशेषज्ञ भेजे वो भी कुछ घंटे के लिए।
गांव मोहंडिया में गुलदार को पकड़ने के लिए अब तक शासन स्तर से कोई मदद नहीं की गई। यहां तक कि उसे ट्रैंकुलाइज करने की अनुमति तक नहीं दी गई है। गांव वाले दिन में खेतों में अकेले नहीं जा रहे, रात के समय खेतों में जाना मौत का सबब बन सकता है। गांव वालों का कहना हे कि गुलदार को पकड़ने में हीला हवाली की जा रही है। इससे पहले गुलदार ने जब चार लोग और मारे तब उसे पकड़ने की कोशिशें नजीबाबाद क्षेत्र में की गईं, लेकिन बाद में गुलदार के मंडावर की ओर हमले करने पर नजीबाबाद की कोशिशें कम कर दी गईं। सभी मौतें मोहंडिया में छिपी मादा गुलदार के सिर पर ही डाल दी गईं। छह इंसानों की मौत के बाद एक गुलदार की भी जान चली गई तो वन विभाग के अफसरों के हाथ पैर फूले हैं। अब एक नहीं तीन गुलदार द्वारा इंसानों को मारने की बात अफसर कह रहे हैं। अब प्रेमपुरी में एक बच्चे को मारने वाले गुलदार को पकड़ने के लिए भी वन विभाग वाले पिंजरा लगाने की बात कह रहे हैं।
दुर्लभ जीव है गुलदार
गुलदार अनुसूची प्रथम का वन्य जीव है। यह दुर्लभ जीवों की श्रेणी में आता है। इसी वजह से गांव मोहंडिया के जंगल में छिपी मादा गुलदार को अब तक वन विभाग ने मारने की कोशिश नहीं की है। उसे आदमखोर घोषित नहीं किया गया।
ऐसा होता है गुलदार
गुलदार के शरीर पर हल्के धब्बे होते हैं। गुलदार अधिकतम 58 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ता है। यह एक बार में छह मीटर तक की छलांग लगा सकता है। इसका वजन 50 से 90 किलोग्राम तक होता है। मादा गुलदार और नर गुलदार अलग अलग रहते हैं।
तो शावकों को छोड़ देती है मां
गुलदार स्वभाव से बेहद शर्मीला जीव होता है। यह इंसानों से दूर ही रहता है। प्रणय के समय ये खेतों को अपना आशियाना बनाते हैं। नर व मादा गुलदार अलग अलग रहते हैं। अगर इंसान गुलदार के शावकों को उठा ले तो इंसानी गंध आने के कारण मादा गुलदार शावकों को छोड़ देती है।
जनाक्रोश में मारा गया गुलदार
बिजनौर। डीएम रमाकांत पांडेय के अनुसार गुलदार ने पहले भी एक बच्चे को मारा था। वह प्रशांत को मारकर शव के पास ही बैठा था। इससे साफ है कि वह आदमखोर हो गया था। मौके पर जनाक्रोश था। दुर्भाग्य है कि गुलदार मारा गया। उसे बचाने की पूरी कोशिश की गई थी। लोगों ने गुलदार पर गोलियां चलाईं इससे वह मारा गया। अगर कोई व्यक्ति आकर कहता है कि उसकी गोली से गुलदार मरा तो उसकी जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी। वहां तमाम लोग मौजूद थे। खुद वह भी वहां मौजूद थे।
नजीबाबाद के भोगपुर में मृत गुलदार को देखते डीएम रमाकांत पांडेय और प्रशासनिक अधिकारी।- फोटो : NAZIBABAD
नजीबाबाद के भोगपुर में आदमखोर मृत गुलदार को खेत से बाहर लाते ग्रामीण।- फोटो : NAZIBABAD
नजीबाबाद के भोगपुर में आदमखोर गुलदार को मारकर खेत से लाती ग्रामीणों की भीड़।- फोटो : NAZIBABAD