बिजनौर। पिछले एक हफ्ते से गेहूं की कटाई जिले भर में चल रही है। इससे थ्रेसिंग के कारण धूल बढ़ गई है। जिसका सीधा असर अस्थमा व सीओपीडी के मरीजों पर पड़ रहा है। चिकित्सकों के यहां सांस संबंधित मरीजों की संख्या अचानक बढ़ गई है।
मेडिकल अस्पताल के छाती रोग चिकित्सकों के पास रोजाना 100 से अधिक मरीज परामर्श के लिए पहुंच रहे हैं। इनमें मुख्य रूप से सांस लेने में दिक्कत के मरीज ज्यादातर है। अस्थमा, सीओपीडी, दमा, टीबी आदि के मरीजों में यह समस्या इन दिनों अधिक हो रही है। चिकित्सक लगातार इस मौसम में लोगों को इस समस्या के प्रति जागरूक कर रहे हैं। परामर्श के लिए पहुंचे मरीजों का कहना है कि सांस लेने में दिक्कत महसूस होने पर चिकित्सक के पास पहुंचे तो उन्होंने इसका कारण मौसम और धूल बताया ।
ये बरते सावधानियां
-मास्क पहनें
-घर के अंदर रहें
-नियमित दवा लें
- पर्याप्त पानी पीएं
-धूल से बचाव
टीबी व छाती रोग में तैनात चिकित्सक डॉ. अभिषेक चौधरी व डॉ. तुषार ने बताया कि इन दिनों धूल के कारण सांस लेने में समस्या ज्यादा हो रही है। टीबी, दमा आदि से पीड़ित मरीजों को ज्यादा सावधानियां बरतने की ज्यादा जरूरत है। ऐसे मरीजों को बिना जरूरी काम के बाहर जाने से बचना चाहिए।