तीसरी लहर से निपटने के लिए क्या है रणनीति
धामपुर। नगीना लोकसभा क्षेत्र के बसपा सांसद गिरीश चंद्र ने कोरोना महामारी को लेकर सदन में केंद्र सरकार को घेरने का प्रयास किया। उन्होंने सदन से जानना चाहा कि वह बताएं कि इस महामारी के दौरान कितने लोगों की मौत हुई, कितने परिवारों की मदद की गई। 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों को कब से टीके लगने शुरू होंगे। साथ ही कोविड-19 की बूस्टर डोज या तीसरी खुराक को लेकर सरकार की क्या नीति है। उन्होंने कहा कि तीसरी लहर से लड़ने के लिए प्रदेश और केंद्र सरकार की ओर से क्या रणनीति तय की गई।
सांसद ने शनिवार को वार्ता के दौरान कहा कि प्रधानमंत्री जनधन योजना वाले खातों में जो 500 रुपये हर परिवार को मिला था। वह किसी भी औसत परिवार के लिए एक महीना घर चलाना नामुमकिन था। यदि कोविड-19 की तीसरी लहर ओमिक्रान आती है तो इस धनराशि को कम से कम पांच हजार रुपये किया जाना चाहिए। महामारी में जो बच्चे अनाथ हुए हैं, सरकार उनकी पढ़ाई-लिखाई व जीवनयापन के लिए आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था करें। जो लोग बेरोजगार हुए हैं, उन्हें रोजगार दें। जिन प्रवासी मजदूरों की भूख , बीमारी, ज्यादा पैदल चलने और सड़क हादसों में मौत हुई है. उन्हें मुआवजा दिया जाय। सरकार को आगामी तीसरी लहर को ध्यान में रख अस्पतालों की स्थिति में सुधार होना चाहिए। नगीना संसदीय क्षेत्र में सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों की स्थिति में सुधार होने चाहिए।