कमजोर मिट्टी दे रही कम पोषक तत्वों वाली फसल
बिजनौर। खेतों में लगातार बोई जा रही फसलों से मिट्टी की उर्वरा शक्ति कमजोर हो रही है। इससे फसलों में भी पोषक तत्वों की कमी हो रही है। फसल में पोषक तत्व न होने से मनुष्य को भी पूरे पोषक तत्व नहीं मिल रहे हैं। पोषक तत्वों की पूर्ति के लिए अलग से दवाई या पोषक तत्वों के उत्पाद लेने को मजबूर होना पड़ रहा है।
कुदरत ने अनाज, फलों व सब्जियों में सभी पोषक तत्व मनुष्यों को दिए हैं। जमीन से फसलों की लगातार और बंपर पैदावार लेने में किसान जमीन को आराम नहीं दे रहे हैं। ऐसे में जमीन से पोषक तत्वों की लगातार कमी होती जा रही है। मिट्टी के पोषक तत्वों की वजह से ही फसलों में पोषक तत्व आते हैं। जब मिट्टी में ही पोषक तत्वों की कमी हो रही है तो फसल में पूरे पोषक तत्व होने का सवाल ही नहीं होता है। कभी दाल प्रोटीन का, गेहूं व आलू कार्बोहाईड्रेट का, नींबू और संतरे विटामिन का स्रोत होते हैं। लेकिन अब इनमें भी पोषक तत्वों की कमी आती जा रही है। दूध में सभी पोषक तत्व होते हैं, लेकिन अब पशुओं का दूध भी लगातार पतला होता जा रहा है। इसमें पोषक तत्वों की कमी आती जा रही है। किसानों को पशुओं तक को अलग से पोषक तत्व देने पड़ रहे हैं।
मिट्टी में कमी का फसलों पर असर
वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. शिरीष कुमार का कहना है कि मिट्टी में पोषक तत्वों की कमी का असर फसलों पर पड़ना लाजिमी है। कैल्शियम की कमी तो बहुत ज्यादा मरीजों में होती है। आयरन भी कम होता है। अक्सर इन पोषक तत्वों की पूर्ति करने के लिए मरीजों को दवाई आदि देनी पड़ती हैं। यदि मिट्टी में पोषक तत्व होंगे तो से फसलों में भी आएंगे और शरीर में पहुंचकर फायदा पहुंचाएंगे।
ब्लॉक मोहम्मदपुर देवमली के कुल नमूने-5142
श्रेणी जीवांश फास्फोरस पोटाश जिंक मैगनीज
अति न्यून 1094 2856 00 482 495
न्यून 3930 1652 150 1056 187
मध्यम 118 114 3474 3604 4460
ब्लॉक हल्दौर के कुल नमूने-4381
श्रेणी जीवांश फास्फोरस पोटाश जिंक मैगनीज
अति न्यून 1168 2706 00 259 58
न्यून 3205 1538 45 259 58
मध्यम 08 60 2964 3217 3217
नोट : ये आंकड़े कृषि विभाग की मृदा परीक्षण से लिए गए हैं।