- अवैध काॅलोनी विकसित करने के लिए पुल के मुहाने पर डाल दी मिट्टी
- तहसील प्रशासन की मिलीभगत से विकसित की जा ही अवैध कालोनियां
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। नेशनल हाईवे ने लाखों रुपये का बजट खर्च करके दो पुलों का निर्माण किया, मगर इनके नीचे से पानी नहीं निकल पाएगा। इसलिए ये महत्वहीन हो गए हैं। दरअसल, अवैध तरीके से कॉलोनी विकसित करने वालों ने पुलों के मुहाने पर भी मिट्टी का ऐसा भराव कर दिया कि दीवार ही खड़ी हो गई। शिकायत के बाद भी तहसील प्रशासन हीलाहवाली कर रहा है।
बिजनौर कोतवाली मार्ग पर महेश्वरी जट से कोतवाली देहात तक सड़क के किनारे खेतों में कई कई मीटर मिट्टी का भराव करते हुए कॉलोनी काटी जा रही है। एक कॉलोनी अब मौजा बनवारीपुर में काटने के लिए एक खेत में सात से आठ मीटर तक ऊंचाई में मिट्टी का भराव किया जा रहा है। इस मिट्टी के भराव के चलते एक पुल के सामने मिट्टी की दीवार खड़ी हो गई है।
इस संबंध में मौज्जमपुर हरवंश के ग्राम प्रधान ओमप्रकाश और अन्य ग्रामीणों ने तहसील प्रशासन से शिकायत की। इसमें कहा गया कि उनके गांव के पूर्वी दिशा में बरसात का पानी बहता है, जोकि पीछे के कई गांव से आता है। इस पानी की को देखते हुए लोनिवि ने गांव के संपर्क मार्ग पर दो साल पहले पुल बनाया था।
इस पुल से थोड़ा आगे नेशनल हाईवे ने बड़ा पुल बनाया है। इन दोनों पुलों के बीच एक खेत में मिट्टी डाली जा रही है, जिससे पानी की निकासी बंद हो गई है। कहा कि बरसात में पानी गांव की आबादी में घुस जाएगा। मामले में मौके पर नायब तहसीलदार और लेखपाल भी पहुंचे मगर हुआ कुछ नहीं।
उधर, महेश्वरी जट के पास भी एक बरसाती नाले के पुल के मुहाने पर भी कॉलोनी काटी जा रही है। इससे पानी की निकासी बंद हो गई है। इन दोनों पुलों पर तहसील प्रशासन की टीम पहुंची थी। फिर भी ग्रामीण संतुष्ट नहीं हुए। ग्रामीणों का कहना है कि बरसाती नालों में पानी के बहाव के प्राकृतिक रास्तों को बंद किया जा रहा है। यह आलम तब है जब हाईवे किनारे काटी जा रही अवैध कॉलोनियों पर अफसरों की नजर नहीं पड़ रही।
खुरमपुर खड़क के लोगों की शिकायत आई थी। टीम भेजी गई है। इसके अलावा मौजमपुर हरवंश के पास भी पानी की निकासी बंद करने के मामले में टीम भेजकर कार्रवाई कराई जाएगी। - मांगेराम चौहान, एसडीएम नगीना