कई गांवों के लोगों ने श्रमदान कर तैयार किया था लकड़ी का पुल
ब्लॉक प्रमुख क्षमा हेमलता चौहान ने शनिवार को ही किया था उद्घाटन
पुलिस ने शिवभक्तों के आवागमन पर लगाई रोक
संवाद न्यूज एजेंसी
धामपुर/शेरकोट (बिजनौर)। पहाड़ाें पर हो रही बारिश के कारण रविवार को खो नदी का जलस्तर बढ़ गया। इसमें कांवड़ियों के लिए नंदगांव-नाथाडोई के पास खो नदी पर तैयार किया गया लकड़ी का अस्थाई पुल बह गया। मार्ग के अवरुद्ध होने से पुलिस ने शिवभक्तों की आवाजाही पर रोक लगा दी है।
कांवड़ियों की राह को आसान करने के लिए कई गांवों के लोगों ने श्रमदान कर खो नदी पार करने को करीब 300 मीटर लंबा लकड़ी का अस्थायी पुल बनाया था। शनिवार को ही ब्लॉक प्रमुख क्षमा हेमलता चौहान की ओर से पुल का उद्घाटन कर शिवभक्तों को समर्पित किया गया था।
पहाड़ों पर हो रही भारी बारिश के चलते रविवार को खो नदी में अचानक जलस्तर बढ़ गया। तेज धारा में यह अस्थायी पुल भी बह गया। सूचना पर पहुंचे ग्रामीणों ने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को अवगत कराया । पुलिस की ओर से फिलहाल शिवभक्तों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई है। सभी शिवभक्तों को नगीना में रोक कर हाईवे 74 से गंतव्य की ओर से रवाना किया जा रहा है।
कांवड़ियों की सुरक्षा के लिए पुलिस तैनात
शेरकोट थानाध्यक्ष धीरज सिंह ने बताया कि पुल पर पुलिस की तैनाती कर दी गई है। जो शिवभक्त आ चुके है, उन्हें रोक कर सुरक्षा प्रदान की जा रही है। नगीना पुलिस को फोन कर कांवड़ियों को वहीं रोकने के बारे में अवगत कराया जा चुका है।
बैराज से एक हजार क्यूसेक पानी की निकासी
टंडेल अब्दुल खालिद ने बताया कि खो बैराज से एक हजार क्यूसेक पानी नदी में प्रवाहित हो रहा है। ऊपर से कोई पानी नदी में नहीं छोड़ा गया है। पहाड़ों पर कितनी बारिश हो रही है, इसके बारे में कोई सही जानकारी नहीं दे सकते है। बारिश के पानी की वजह से ही लकड़ी का पुल बह गया है।
सिंचाई विभाग ने नहीं दी सूचना
सिंचाई विभाग की ओर से बगैर सूचना के नदी में पानी छोड़े जाने से दिक्क्त आई है। यदि पानी छोड़ना था तो उससे पहले ग्रामीणों को सूचित किया जाना चाहिए था। इससे किसी कांवड़िए को कोई दिक्क्त न होती। - क्षमा हेमलता चौहान, ब्लॉक प्रमुख