पहाड़ों पर बारिश से गंगा और यमुना सहित अन्य नदियां उफान पर हैं। बिजनौर में गंगा ने खेतों की ओर कटान करना शुरू कर दिया है। गांव फतेहपुर सभाचंद के प्राइमरी स्कूल के कमरे की नींव तक गंगा कटान कर चुकी है। कभी भी यह स्कूल गंगा में समा सकता है। बागपत में यमुना का पानी खेतों में घुस गया है। सब्जी और चारे की फसल डूब गई है।
बिजनौर में सोमवार को बैराज के घाट पर बने पूजा स्थलों तक गंगा का पानी बह रहा है। चांदपुर-हस्तिनापुर गंगा पुल की अप्रोच सड़क धंसने वाले स्थान पर दूसरे दिन भी पानी की धार को रोकने के प्रयास किए जाते रहे। बांस, बल्ली आदि की बाड़ लगाकर उसके बीच में मिट्टी भरे बोरे डाले जा रहे हैं।
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बागपत, काठा, निवाड़ा, खेड़ा हटाना, टांडा, कोताना में यमुना खादर में करीब 400 बीघा में सब्जी और चारे की फसल यमुना के पानी में डूब गई है। हथिनीकुंड बैराज से लगातार पानी छोड़ा जा रहा है, रविवार रात से सोमवार शाम तक सवा लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। यमुना लगातार खेतों की ओर कटान कर रही है। शामली के कैराना में भी यमुना का जलस्तर लगातार बढ़ने से किसानों की चिंता बढ़ रही है।