नजीबाबाद में मालन नदी और कोटावाली नदी पहाड़ों पर हुई वर्षा से अचानक उफान पर आ गईं। दो घंटे के भीतर नगर की आबादी से जुड़े कई क्षेत्र पानी में डूब गए। पानी का तेज बहाव सब्जी और फसलें बहा ले गया। पुलिस प्रशासन और क्षेत्रवासियों ने पशुओं आदि को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया।
पहाड़ों पर वर्षा का हाई अलर्ट और तेज वर्षा की खबर से बेखबर नजीबाबाद क्षेत्र के लोगों में उस समय अफरातफरी मच गई, जब क्षेत्र से निकलने वाली मालन नदी, सूकरो नदी और कोटावाली नदी का जलस्तर अचानक बढ़कर उफान पर आ गया।
मालन नदी के उफान से सबसे अधिक नुकसान मुअज्जमपुर तुलसी गढ़ी, कछियाना, खैरुल्लापुर, शाहपुर क्षेत्र में हुआ। मुअज्जमपुर तुलसी गढ़ी में प्राथमिक विद्यालय पानी में डूब गया। प्रधानाध्यापक नजाकतुल्ला ने बताया कि जलभराव से स्कूल संचालन नहीं हो सका। इस क्षेत्र में अशरफ, इरशाद, शराफत, शरीफ, इब्राहीम, अलीहसन सहित कई ग्रामीणों के मकानों में पानी घुस गया।
पशुओं और पीड़ितों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने में प्रशासन और पुलिस ने मदद की। कछियाना, शाहपुर क्षेत्र में मालन नदी के उफान से दर्जनों मकानों में पानी घुस गया। लोगों ने सुरक्षित स्थानों पर शरण ली। एसडीएम उद्भव त्रिपाठी, सीओ महेश कुमार, थाना प्रभारी सतीश कुमार, पूर्ति अधिकारी अमित कुमार, कानूनगो छतरपाल सिंह एवं राजस्व कर्मियों ने क्षेत्र में पहुंचकर बाढ़ जैसे दृश्य का जायजा लिया। प्रभावित लोगों को प्रशासन की ओर से भोजन आदि की व्यवस्था कराई गई।
एसडीएम व सीओ ने कोटद्वार ब्रांच लाइन रेल पुल, नेेशनल हाईवे के सूकरो नदी पुल तथा कोटावाली पुल के ज्वाइंट में आए गैप का निरीक्षण कर राहत और बचाव के संबंध में आवश्यक निर्देश दिए।
हाईवे पर कोटावाली नदी पुल में दरार
भागूवाला/नांगलसोती में डीएम ने कोटावाली पुल में आई दरार और नांगल के गांव गौसपुर क्षेत्र का दौरा कर गंगा की ओर से किए जा रहे कटान का जायजा लिया।
डीएम जगतराज ने सीडीओ डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी, एसडीएम उद्भव त्रिपाठी के साथ शुक्रवार को भागूवाला क्षेत्र में स्थित कोटावाली नदी पुल के एक स्पान का पिलर मामूली रूप से धंसने और पुल में दरार आने का तकनीकी अधिकारियों के साथ निरीक्षण किया। डीएम ने सुरक्षा की दृष्टि से भारी वाहनों के पुल से आवागमन की गति तत्काल प्रभाव से दस किलोमीटर प्रति घंटा सुनिश्चित कराने के कड़े निर्देश दिए।
उधर, डीएम ने नांगल क्षेत्र के गांव गौसपुर में गंगा के कटान से कृषि भूमि को पहुंच रहे नुकसा और गांव की ओर बढ़ती गंगा का जायजा लेकर सिंचाई विभाग को तत्काल प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए। सीडीओ और एसडीएम के साथ पहुंचे डीएम को सिंचाई विभाग के जेई पुनीत कुमार ने बताया कि गौसपुर क्षेत्र में तटबंध बनाने के लिए शासन को भेजी गई फाइल जल्द ही स्वीकृति के साथ विभाग को मिलने वाली है। 11 करोड़ रुपये की लागत से बरसात के बाद गौसपुर क्षेत्र में तटबंध बनाया जाएगा। गौसपुर के प्रधान मुन्नू सिंह, पूर्व प्रधान राजेश कुमार, अवनीश, अरविंद, लाल सिंह, वीरेंद्र ने गौसपुर क्षेत्र में भूमि का सीमांकन कराने का मुद्दा उठाया। डीएम ने राजस्व विभाग को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।