बिजनौर में जिला अस्पताल में उपचार के दौरान बच्ची की बुखार से मौत हो गई। उधर, गांव रवाना में एक माह से बुखार से पीड़ित चल रही महिला की मौत हो गई है।
बृहस्पतिवार को जिला अस्पताल में बुखार से पीड़ित नहटौर के गांव सिकंदरपुर निवासी फहीम की पुत्री अजमी की उपचार के दौरान मौत हो गई। परिजनों ने बताया कि उनकी बच्ची पिछले तीन दिनों से बुखार से पीड़ित थी।
बच्ची को बृहस्पतिवार दोपहर ही अस्पताल में भर्ती कराया था। बच्ची के परिजनों का आरोप है कि चिकित्सक भर्ती करने के बाद उसे ड्रिप लगाकर उसको दुबारा देखने तक नहीं आए। आरोप है कि चिकित्सकों की लापरवाही के चलते ही बच्ची की मौत हुई है। वहीं, गांव रवाना निवासी शमीम की पत्नी खुशनुमा को एक माह से बुखार था। बृहस्पतिवार की शाम उसकी भी मौत हो गई। उसका इलाज एक निजी चिकित्सक के यहां चल रहा था। प्रभारी सीएमएस डा.वीके शुक्ला ने बताया कि बच्ची की हालत नाजुक थी। चिकित्सकों ने बच्ची को मेरठ के लिए रेफर किया था। हालांकि परिवार बच्ची को मेरठ नहीं ले गए।
महिला की मौत
धामपुर। महिला की मौत पर अस्पताल में लोगों ने हंगामा किया। परिजनों का आरोप है कि चिकित्सक की इलाज के प्रति बरती गई लापरवाही के कारण महिला की मौत हुई है। ग्रामीणों के समझाने पर परिजन महिला का शव अस्पताल से ले गए। घटना की पुलिस को सूचना नहीं दी गई है। कोतवाल ऐसी किसी घटना के संज्ञान में होने से इंकार किया है।
नगीना थाने के गांव पखनपुर गंगवाली निवासी लोगों ने बताया कि उनके गांव की एक महिला का चार दिन पहले बुखार आया था। महिला के परिजनों ने उसे धामपुर थाने के एक गांव में डाक्टर के यहां चार दिन पहले उपचार को भर्ती कराया था, जिसकी बृहस्पतिवार को उपचार के दौरान मौत हो गई। महिला की मौत पर परिजनों ने अस्पताल में जमकर हंगामा किया। उधर, डाक्टर ने परिजनों के आरोप को निराधार बताया है। उन्होंने कहा कि सभी मरीजों के उपचार पर विशेष ध्यान दिया जाता है।
बुखार पीड़ितों को नहीं मिली राहत
अफजलगढ़। सीएचसी में बुखार से पीड़ित लोगों का उपचार कराने के लिए भीड़ लगी है। डॉक्टरों के मुताबिक अस्पताल में हर रोज करीब 250 मरीज उपचार कराने को आ रहे हैं।
क्षेत्र में बुखार के चलते गांव चंडिका, चौहड़वाला, जिकरीवाला, कासमपुरगढ़ी में आधा दर्जन से अधिक लोगों की बुखार से मौत हो चुकी है।
मोहल्ला मंझोली, जैनुलाबेदीन नायक सराय, गौहर अली खां आदि में भी काफी लोग बुखार से पीड़ित है। इस मौके पर रुखसाना, सीमा चौधरी, हुमेरा, सुनील कुमार, शहजाद, अदनान, अल्ताफ, जमीला, अनवरी, अनिल, दिलशाद आदि बुखार से पीड़ित मरीज सीएचसी अफजलगढ़ में उपचार करा रहे हैं। लगभग 250 मरीजों का परीक्षण कर उनका उपचार करते हैं। डॉक्टर राजीव चौहान ने कहा कि इन गांवों में विभाग की ओर से कीटनाशक का छिड़काव कराया जा चुका है।
उन्होंने कहा कि बुखार से पीड़ितों के उपचार पर पूरा ध्यान दिया जा रहा है। किसी भी मरीजों कोई असुविधा न हो इसका ध्यान रखा जा रहा है। अस्पताल स्टाफ भी मरीजों के सेहत पर पूरा ध्यान रख रहे हैं। उन्होंने बुखार पीड़ितों को खानपान के प्रति सजग रहने को कहा है। साथ ही मच्छरों से निजात के लिए व्यवस्था करने की सलाह दी।